छतरपुर, सुबोध त्रिपाठी। छतरपुर जिले में कानून व्यवस्था और सुरक्षा को और अधिक सुदृढ़ करने के उद्देश्य से, छतरपुर जिला प्रशासन ने एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट पार्थ जायसवाल द्वारा जारी इस आदेश के अनुसार, जिले में निवास करने वाले किरायेदारों और काम पर रखे गए बाहरी व्यक्तियों का पुलिस सत्यापन अनिवार्य कर दिया गया है। प्रशासन ने यह कदम जिले में बाहर से आने वाले लोगों (नौकरी, व्यवसाय या अन्य कार्यों के लिए) की बढ़ती संख्या को देखते हुए उठाया है।
आदेश के मुख्य बिंदु:
किन्हें करना होगा सत्यापन: यह नियम मकान मालिकों, होटल, लॉज, धर्मशाला के प्रबंधकों, भवन निर्माण के ठेकेदारों और निजी सुरक्षा एजेंसियों के संचालकों पर लागू होता है।
सुरक्षा का कारण: अक्सर बाहरी व्यक्ति स्थानीय स्तर पर बिना किसी औपचारिक जानकारी के रहते हैं, जिससे सुरक्षा और पुलिस जांच में बाधा उत्पन्न होती है।
सत्यापन की प्रक्रिया: संबंधित व्यक्तियों को अपने किरायेदारों या कर्मचारियों की जानकारी स्थानीय पुलिस थाना/चौकी को उपलब्ध करानी होगी। इसके लिए पुलिस की वेबसाइट (citizen-mppolice-gov-in) का उपयोग करने का भी विकल्प दिया गया है।
कानूनी प्रावधान: यह आदेश भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के तहत जारी किया गया है।
उल्लंघन पर कार्रवाई: प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि इस आदेश का उल्लंघन किया जाता है, तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 223 के तहत दंडनीय कार्रवाई की जाएगी।
चूंकि व्यक्तिगत रूप से सभी संबंधित पक्षों तक आदेश की तामील संभव नहीं है, इसलिए प्रशासन ने इसे सार्वजनिक सूचना (मुनादी) के माध्यम से सूचित करने का निर्देश दिया है। जिला प्रशासन ने सभी संबंधित नागरिकों से अपील की है कि वे सुरक्षा व्यवस्था में सहयोग करें और समय रहते सत्यापन की प्रक्रिया पूरी करें।


