सतना, अंबिका केसरी | मध्य प्रदेश में राज्यसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां और सियासी पारा अपने चरम पर पहुंच गया है। कांग्रेस की अधिकृत उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन पत्र (Nomination Paper) निरस्त किए जाने के विरोध में मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी (MPCC) ने मोर्चा खोल दिया है। इस कार्रवाई को 'लोकतंत्र के इतिहास का काला अध्याय' करार देते हुए कांग्रेस ने सोमवार को पूरे प्रदेश में जिला स्तर पर प्रेस कॉन्फ्रेंस (पत्रकार वार्ता) कर भाजपा सरकार और चुनावी प्रक्रिया पर तीखे सवाल दागे। इसी कड़ी में सतना के सर्किट हाउस में एक विशेष पत्रकार वार्ता का आयोजन कर पार्टी पदाधिकारियों ने आक्रोश व्यक्त किया।
चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता पर खड़े हुए गंभीर सवाल
सतना सर्किट हाउस में मीडिया से रूबरू होते हुए कांग्रेस के वरिष्ठ पदाधिकारियों और स्थानीय नेताओं ने कहा कि मीनाक्षी नटराजन जैसी साफ-सुथरी छवि और वैचारिक रूप से मजबूत नेत्री का नामांकन जिस तरह से खारिज किया गया है, उसने देश की पूरी चुनावी प्रक्रिया की साख और निष्पक्षता के सामने गंभीर संकट खड़ा कर दिया है।
मनमानी और अनिश्चितता का माहौल:
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि यह केवल एक उम्मीदवार के साथ हुआ अन्याय नहीं है, बल्कि यह देश के संवैधानिक मूल्यों पर सीधा प्रहार है। पार्टी ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि यदि किसी प्रत्याशी के नामांकन को ऐसे तकनीकी आधारों पर निरस्त किया जाता है, जिनकी स्पष्ट रूप से नामांकन प्रपत्र (Form) में कोई अपेक्षा या अनिवार्यता थी ही नहीं, तो यह भविष्य में किसी भी दल के उम्मीदवार के लिए एक बेहद खतरनाक, अनिश्चित और मनमानी की स्थिति पैदा कर देगा।
'लोकतंत्र केवल चुनाव से नहीं, निष्पक्ष चुनाव से चलता है'
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कांग्रेस ने कड़े शब्दों में लोकतांत्रिक सिद्धांतों की दुहाई देते हुए शासन-प्रशासन को आड़े हाथों लिया। पार्टी की ओर से मुख्य रूप से निम्नलिखित बातें रखी गईं:
समान अवसर की मांग: लोकतंत्र का अर्थ केवल समय पर मतदान करा देना नहीं है। इसका असली मतलब सभी राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों को चुनाव में समान अवसर (Level Playing Field), निष्पक्ष व्यवहार और कानून के समक्ष समान संरक्षण मिलना है।
जनता के बीच जाने का संकल्प: कांग्रेस कमेटी ने सतना और प्रदेश की जनता को आश्वस्त किया है कि जनसेवा के लिए समर्पित एक कद्दावर महिला नेता को इस तरह चुनावी प्रक्रिया से बाहर करना लोकतांत्रिक मूल्यों के पूरी तरह खिलाफ है।
आर-पार की लड़ाई के मूड में कांग्रेस, जारी रहेगा आंदोलन
सतना के कांग्रेस पदाधिकारियों ने साफ किया कि यह मामला अब केवल मीनाक्षी नटराजन का व्यक्तिगत मामला नहीं रह गया है, बल्कि यह संविधान की मूल भावना, निष्पक्ष चुनाव की अवधारणा और आम जनता के लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा की लड़ाई बन चुका है। कांग्रेस पार्टी इस 'अन्याय' के खिलाफ खामोश नहीं बैठेगी और संविधान व लोकतंत्र की रक्षा के लिए सड़क से लेकर कानूनी मंचों तक अपना संघर्ष निरंतर जारी रखेगी। इस दौरान जिले के कई वरिष्ठ कांग्रेस नेता, मोर्चा संगठनों के अध्यक्ष और भारी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

