सतना। मध्य प्रदेश के सतना जिले के नागौद स्थित ए.के.एस. यूनिवर्सिटी (A.K.S. University) में ड्यूटी के दौरान जान गंवाने वाले सुरक्षा गार्ड के परिजनों को 7 महीने बीत जाने के बाद भी न्याय और मुआवजा न मिलने का मामला सामने आया है। मृत गार्ड की पत्नी और ओबीसी महासभा (युवा मोर्चा) के पदाधिकारियों ने सतना कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर एजेंसी संचालक के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई और पीड़ित परिवार को जल्द से जल्द मुआवजा व बीमा राशि दिलाए जाने की मांग की है।
क्या है पूरा मामला?
यूनिवर्सिटी में 'शिवम सिक्योरिटी सर्विसेज' के तहत बतौर सुरक्षा गार्ड तैनात रामभजन कुशवाहा की गत 10 जनवरी 2026 को ड्यूटी के दौरान अचानक तबीयत बिगड़ गई थी और सिर में गंभीर चोट लगने के बाद अस्पताल में उनकी मौत हो गई थी। घटना को 7 महीने से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन मृतक की पत्नी पुष्पा कुशवाहा को सुरक्षा एजेंसी या प्रबंधन की ओर से न तो कोई आर्थिक सहायता दी गई और न ही बीमा राशि का लाभ मिला। आरोप है कि 'शिवम सिक्योरिटी सर्विसेज' के संचालक विक्रम सिंह पीड़ित परिवार के फोन तक नहीं उठा रहे हैं और लगातार टालमटोल कर रहे हैं।
ओबीसी महासभा के साथ कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन
न्याय न मिलने से आहत और आर्थिक तंगी से जूझ रही पीड़ित पत्नी ने ओबीसी महासभा का दरवाजा खटखटाया: ओबीसी महासभा (युवा मोर्चा जिला अध्यक्ष दीप नारायण कुशवाहा) के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं और पीड़ित परिवार ने सतना कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से मांग की गई है कि आरोपी एजेंसी संचालक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए और 3 दिन के भीतर पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा व बीमा राशि दिलाई जाए। महासभा ने चेतावनी दी है कि यदि तय समयसीमा के भीतर पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिला, तो ओबीसी महासभा सड़कों पर उतरकर बड़ा आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी।














