सोल। दक्षिण कोरिया के व्यापार मंत्री ने गुरुवार को अपने ब्रिटिश समकक्ष से अनुरोध किया कि ब्रिटेन रूस से आने वाली लिक्विफाइड नेचुरल गैस (एलएनजी) पर जो नए प्रतिबंध लगाने जा रहा है, उनसे दक्षिण कोरिया के आयात को छूट दी जाए। उनका कहना था कि इससे दक्षिण कोरिया की ऊर्जा सुरक्षा पर असर पड़ सकता है।समाचार एजेंसी योनहाप के अनुसार, व्यापार मंत्री येओ हान-कू ने ब्रिटेन के नए व्यापार मंत्री अनस सरवर के साथ वीडियो बैठक के दौरान यह मुद्दा उठाया। दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय व्यापार से जुड़े कई विषयों पर चर्चा की।

येओ ने कहा, "ब्रिटेन जनवरी 2027 से रूसी एलएनजी के लिए समुद्री परिवहन, बीमा और उससे जुड़ी सेवाओं पर रोक लगाने की योजना बना रहा है। इससे दक्षिण कोरिया की ऊर्जा सुरक्षा और एलएनजी आपूर्ति की स्थिरता प्रभावित हो सकती है।"

व्यापार मंत्रालय के अनुसार, अगर दक्षिण कोरिया को छूट नहीं मिली तो सरकारी कंपनी कोरिया गैस कॉर्पोरेशन (कोगास) की रूसी एलएनजी आयात व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। कंपनी का रूस के सखालिन-2 तेल और गैस परियोजना से मार्च 2028 तक एलएनजी खरीदने का दीर्घकालिक समझौता है।

मंत्रालय ने चेतावनी दी कि अगर ब्रिटिश बीमा कंपनियां इस समझौते से जुड़ी पुनर्बीमा और अन्य सेवाएं बंद कर देती हैं तो एलएनजी की खेपों की आपूर्ति में रुकावट आ सकती है।

यूरोपीय संघ (ईयू), जिसने इसी तरह के प्रतिबंध लागू किए हैं, पिछले महीने सखालिन-2 परियोजना से दक्षिण कोरिया और जापान को होने वाली एलएनजी आपूर्ति को छूट देने पर सहमत हो गया था। येओ ने ब्रिटेन से करीबी बातचीत जारी रखने और ईयू की तरह ही छूट देने की अपील की।

उन्होंने ब्रिटेन से कहा कि वह दक्षिण कोरिया के इस्पात (स्टील) उत्पादों के लिए उचित आयात कोटा तय करे। हाल ही में ब्रिटेन ने स्टील आयात से जुड़ी अपनी सुरक्षा संबंधी नीतियों को और सख्त कर दिया है।

एक जुलाई को ब्रिटेन ने स्टील उत्पादों के आयात कोटे को लगभग आधा कर दिया था और तय सीमा से अधिक आयात होने पर 50 प्रतिशत शुल्क लगाने का फैसला किया था।

हालांकि, दक्षिण कोरिया के लिए शुल्क-मुक्त कोटा 93,000 टन से बढ़ाकर 1,73,000 टन कर दिया गया है, लेकिन जिन स्टील उत्पाद श्रेणियों पर यह कोटा लागू होता है, उनकी संख्या चार से बढ़ाकर 9 कर दी गई है। इससे व्यावहारिक रूप से आयात नियम पहले की तुलना में अधिक सख्त हो गए हैं।