सोल। दक्षिण कोरिया ने उसके वायु रक्षा पहचान क्षेत्र (केएडीआईजेड) में चीनी और रूसी सैन्य विमानों के अनधिकृत प्रवेश पर रविवार को चीन और रूस के समक्ष कड़ा विरोध दर्ज कराया।

दक्षिण कोरिया के रक्षा मंत्रालय के अनुसार, शनिवार को चीन और रूस के लगभग 10 सैन्य विमान देश के पूर्वी और दक्षिणी समुद्री क्षेत्रों के ऊपर स्थित कोरियाई वायु रक्षा पहचान क्षेत्र में कुछ समय के लिए दाखिल हुए और फिर बाहर निकल गए थे।

योनहाप न्यूज एजेंसी के अनुसार, मंत्रालय के एक अधिकारी ने सोल स्थित चीनी और रूसी दूतावासों के सैन्य अधिकारियों को तलब कर इस अनधिकृत प्रवेश पर कड़ा विरोध दर्ज कराया। अधिकारी ने दोनों देशों से कहा कि वो भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाएं।

रक्षा मंत्रालय ने यह भी कहा कि दक्षिण कोरियाई सेना देश के हवाई क्षेत्र की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अंतरराष्ट्रीय कानूनों के अनुरूप केएडीआईजेड से संबंधित गतिविधियों पर सतर्कता के साथ उचित कार्रवाई करती रहेगी।

योनहाप न्यूज एजेंसी ने ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ (जेसीएस) के हवाले से 27 जून को बताया था कि चीनी और रूसी सैन्य विमान क्रमवार तरीके से एयर डिफेंस जोन में प्रवेश करने के बाद वापस लौट गए। बताया गया है कि इनमें बमवर्षक और लड़ाकू विमान शामिल थे।

बताया गया कि दक्षिण कोरियाई सेना ने विमानों के केएडीआईजेड में प्रवेश करने से पहले ही उनकी पहचान कर ली और किसी भी संभावित स्थिति से निपटने के लिए वायुसेना के लड़ाकू विमान तैनात कर दिए।

एयर डिफेंस जोन वास्तविक संप्रभु हवाई क्षेत्र नहीं होता, बल्कि यह एक ऐसा क्षेत्र होता है जहां विदेशी विमानों से पहचान सुनिश्चित करने की अपेक्षा की जाती है, ताकि किसी भी अनजाने टकराव से बचा जा सके।

2019 से अब तक, दोनों देशों (चीन-रूस) ने संयुक्त अभ्यासों के दौरान बिना पूर्व सूचना के वर्ष में एक या दो बार अपने सैन्य विमान केएडीआईजेड में भेजे हैं।