आगरा। विश्व धरोहर ताजमहल की सुरक्षा व्यवस्था को परखने और किसी भी आपात स्थिति से निपटने की तैयारियों को धार देने के लिए शुक्रवार सुबह एक व्यापक संयुक्त मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। अभ्यास के दौरान ताजमहल के रिवर साइड (यमुना किनारे वाले हिस्से) से दो सशस्त्र आतंकवादियों के घुसपैठ करने और अंधाधुंध गोलीबारी करने का डमी परिदृश्य तैयार किया गया। सुरक्षा एजेंसियों ने त्वरित प्रतिक्रिया दिखाते हुए पूरे क्षेत्र की घेराबंदी की और 40 मिनट तक चले इस कड़े अभ्यास में दोनों काल्पनिक आतंकियों को मार गिराया।


सुबह 10:30 बजे गूंजा अलर्ट, सीआईएसएफ जवान के घायल होने का अभ्यास

मॉक ड्रिल की शुरुआत सुबह ठीक 10:30 बजे हुई, जब सूचना प्रसारित की गई कि दो हथियारबंद संदिग्ध रिवर साइड के रास्ते ताजमहल परिसर में दाखिल हो गए हैं और लगातार फायरिंग कर रहे हैं। इस दौरान रिवर साइड पर तैनात सीआईएसएफ के एक जवान के गोली लगने से घायल होने का अभ्यास भी शामिल किया गया। अलर्ट जारी होते ही सीआईएसएफ कंट्रोल रूम सक्रिय हुआ और तुरंत क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT) को मौके के लिए रवाना किया गया। सीआईएसएफ के जवानों ने तुरंत पोजीशन ली और ताज के पिछले हिस्से की ओर बढ़ रहे दोनों आतंकियों को घेर लिया। यूपी पुलिस ने स्मारक के बाहरी परिधि और रास्तों को सील कर दिया, जबकि मेडिकल टीम ने मौके पर पहुंचकर 'घायल' जवान को प्राथमिक उपचार देने का अभ्यास पूरा किया।


70 जवानों और कई एजेंसियों का दिखा बेहतरीन तालमेल

यह संयुक्त सुरक्षा अभ्यास सुबह 10:30 बजे से 11:10 बजे तक चला। इसमें सीआईएसएफ, उत्तर प्रदेश पुलिस, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI), फायर ब्रिगेड, बम निरोधक दस्ता (BDDS), डॉग स्क्वॉड, स्थानीय खुफिया इकाई (LIU) और स्वास्थ्य विभाग के करीब 70 जवानों और अधिकारियों ने हिस्सा लिया। करीब 40 मिनट की जवाबी कार्रवाई के बाद दोनों आतंकियों को मार गिराने का अभ्यास सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इसके तत्काल बाद डॉग स्क्वॉड और बम निरोधक दस्ते की टीमों ने सघन तलाशी अभियान चलाकर पूरे रिवर साइड और स्मारक परिसर को सुरक्षित घोषित किया।


कमांडेंट ऋषि कौशिक की निगरानी में हुई समीक्षा

पूरा अभ्यास सीआईएसएफ यूनिट ताजमहल के कमांडेंट ऋषि कौशिक की सीधी निगरानी में संपन्न हुआ। मॉक ड्रिल समाप्त होने के बाद सभी संबंधित एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारियों ने एक संयुक्त समीक्षा बैठक की। कमांडेंट ऋषि कौशिक के अनुसार, इस ड्रिल का मुख्य उद्देश्य किसी भी संभावित आतंकी हमले या आपातकालीन संकट के दौरान सभी सुरक्षा बलों के रिस्पॉन्स टाइम, आपसी समन्वय, त्वरित संचार और कॉम्बैट तैयारियों की वास्तविक क्षमता का मूल्यांकन करना था, ताकि दुनिया के सात अजूबों में शुमार ताजमहल की अभेद्य सुरक्षा व्यवस्था हर परिस्थिति में चाक-चौबंद बनी रहे।