मुंबई। एसएमएल महिंद्रा लिमिटेड ने सोमवार को बताया कि वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही (जुलाई-सितंबर) में उसका शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 43 प्रतिशत घट गया। इसकी वजह मार्जिन में कमी आना है।कंपनी की ओर से दायर स्टॉक एक्सचेंज फाइलिंग के अनुसार, वाणिज्यिक वाहन निर्माता ने तिमाही में 12 करोड़ रुपए का शुद्ध मुनाफा दर्ज किया, जबकि पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में यह 21 करोड़ रुपए था।

हालांकि, कंपनी का राजस्व सालाना आधार पर 21 प्रतिशत बढ़कर 670 करोड़ रुपए हो गया, जो पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में 555 करोड़ रुपए था।

तिमाही के दौरान कंपनी के परिचालन प्रदर्शन पर दबाव बना रहा। ईबीआईटीडीए सालाना आधार पर 31 प्रतिशत गिरकर 29 करोड़ रुपए रह गया, जबकि एक साल पहले यह 42 करोड़ रुपए था।

इसके परिणामस्वरूप, ईबीआईटीडीए मार्जिन एक साल पहले के 7.6 प्रतिशत से 330 आधार अंक घटकर 4.3 प्रतिशत रह गया।

कंपनी ने बताया कि उसकी प्रवर्तक कंपनी के ट्रक और बस डिवीजन का महिंद्रा एंड महिंद्रा लिमिटेड के साथ 525 करोड़ रुपए में प्रस्तावित अधिग्रहण 31 जनवरी, 2027 को या उससे पहले पूरा होने की उम्मीद है।

यह सौदा स्लंप सेल के माध्यम से किया जाएगा। इस व्यवस्था के तहत अलग-अलग परिसंपत्तियों की बिक्री करने के बजाय पूरे कारोबारी उपक्रम को चालू व्यवसाय के रूप में हस्तांतरित किया जाता है। समझौते की शर्तों के अनुसार, सौदा पूरा होने के समय कार्यशील पूंजी की स्थिति के आधार पर अंतिम सौदा राशि में बदलाव किया जा सकता है।

एसएमएल महिंद्रा ने स्पष्ट किया कि सितंबर तिमाही और वित्त वर्ष की पहली छमाही के वित्तीय नतीजों में उसने कोई समायोजन नहीं किया है, क्योंकि अधिग्रहण की प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हुई है।

पहले एसएमएल इसुजु लिमिटेड के नाम से जानी जाने वाली इस कंपनी का नाम अगस्त 2025 में बदलकर एसएमएल महिंद्रा लिमिटेड कर दिया गया था। यह बदलाव महिंद्रा एंड महिंद्रा द्वारा सुमितोमो कॉरपोरेशन और इसुजु मोटर्स से कंपनी में 58.96 प्रतिशत की नियंत्रक हिस्सेदारी हासिल करने के बाद किया गया था।

चंडीगढ़ मुख्यालय वाली यह कंपनी पंजाब के नवांशहर स्थित अपने विनिर्माण संयंत्र में हल्के और मध्यम श्रेणी के ट्रकों, बसों, एंबुलेंस, पुलिस कर्मियों को ले जाने वाले वाहनों और अन्य विशेष वाहनों सहित कई तरह के वाणिज्यिक वाहनों का निर्माण करती है।

एसएमएल महिंद्रा 525 करोड़ रुपए में महिंद्रा एंड महिंद्रा के ट्रक और बस डिवीजन (एमटीबीडी) के प्रस्तावित अधिग्रहण के माध्यम से वाणिज्यिक वाहन क्षेत्र में अपनी स्थिति मजबूत करने की दिशा में भी काम कर रही है।

जनवरी 2027 तक पूरा होने की उम्मीद वाला यह सौदा कंपनी के तहत एकीकृत वाणिज्यिक वाहन कारोबार तैयार करने के उद्देश्य से किया जा रहा है।