लवकुशनगर, जावेद खान। क्षेत्र में इन दिनों एक बेहद गंभीर और चिंताजनक ट्रेंड तेजी से उभर रहा है, जहांशोभा और भविष्य संवारने वाली उम्र में युवाओं के हाथों में किताबें और कलम की जगह देसी कट्टे नजर आ रहे हैं। कम कीमत पर अवैध हथियार आसानी से उपलब्ध होने की चर्चाओं ने स्थानीय पुलिस और प्रशासन की कार्यशैली पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

आज के दौर में युवा वर्ग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर देसी कट्टों के साथ अपनी फोटो और वीडियो अपलोड कर धड़ल्ले से रौब दिखा रहा है। यह प्रवृत्ति न केवल समाज में अपराध का ग्राफ बढ़ा रही है, बल्कि आने वाली पीढ़ी के भविष्य को भी अंधेरे में धकेल रही है। स्थानीय नागरिकों और प्रबुद्ध जनों के बीच इस बात को लेकर गहरी चिंता है कि आखिर इतनी कम उम्र के लड़कों तक ये अवैध हथियार और कारतूस कहां से और कैसे पहुंच रहे हैं। इसके पीछे कौन सा गिरोह या सप्लायर सक्रिय है, जो युवाओं को आसानी से अपराध के रास्ते पर धकेल रहा है।

क्षेत्र के लोगों ने पुलिस प्रशासन से पुरजोर मांग की है कि इस अवैध हथियारों के कारोबार की जड़ तक गहराई से छानबीन की जाए। सप्लायरों की पहचान कर पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया जाए और इस काले कारोबार में शामिल हर एक दोषी के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाए, ताकि युवाओं को इस दलदल से बचाया जा सके। अब देखना यह होगा कि स्थानीय पुलिस इस संवेदनशील मामले में कब तक और क्या ठोस कदम उठाती है।