नई दिल्ली। दो बार की ओलंपिक मेडलिस्ट पीवी सिंधु ने युवा बैडमिंटन खिलाड़ी तन्वी शर्मा की जमकर तारीफ की है। तन्वी ने रविवार को ताइपे ओपन का खिताब जीतकर इतिहास रचा। वह यह खिताब जीतने वाली सबसे युवा खिलाड़ी बनीं।सिंधु ने कहा कि यह इस युवा खिलाड़ी के करियर में और भी आने वाली कामयाबियों की बस शुरुआत है। उन्हें कड़ी मेहनत करते रहना चाहिए, खुद पर भरोसा रखना चाहिए और सफलता पाने की भूख को बरकरार रखना चाहिए। रविवार को 17 वर्षीय तन्वी ने वियतनाम की गुयेन थुई लिन्ह को सीधे गेम में हराकर अपना पहला बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड टूर सुपर 300 खिताब जीता। तन्वी ने शानदार रणनीति के साथ गुयेन को सिर्फ 36 मिनट में 21-16, 21-16 से हराया। वह किसी भी कैटेगरी में ताइपे ओपन जीतने वाली सबसे कम उम्र की खिलाड़ी बनीं।
सिंधु ने तन्वी की तारीफ करते हुए अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "इस लड़की पर मुझे बहुत गर्व है। मैं वर्षों से कह रही हूं कि तन्वी में एक बहुत खास खिलाड़ी बनने के सभी गुण हैं। टैलेंट, स्ट्रोक लगाने की कला, बेहतरीन खिलाड़ियों का सामना करने का साहस - सब कुछ तन्वी में है। उन्हें बस थोड़ी और स्थिरता और अनुभव की जरूरत थी, और यह सब एक साथ आते देखकर बहुत अच्छा लगा। यह तो बस शुरुआत है, तन्वी। मेहनत करती रहो, भरोसा रखती रहो और कामयाबी की भूख बनाए रखो। आपके जैसे खिलाड़ियों के साथ भारतीय बैडमिंटन का भविष्य बहुत उज्ज्वल है।"
इस शानदार जीत के साथ तन्वी महान खिलाड़ी साइना नेहवाल (2008) के बाद ताइपे ओपन का खिताब जीतने वाली दूसरी भारतीय महिला सिंगल्स खिलाड़ी बन गई हैं। तन्वी की जीत ने ताइपे ओपन में इस कैटेगरी में भारत के 17 साल के सूखे को भी खत्म कर दिया है। इससे पहले, साल 2009 में ज्वाला गुट्टा और वी. दिजू की मिक्स्ड डबल्स जोड़ी ने खिताब को अपने नाम किया था। यह जीत तन्वी के लिए एक बड़ी उपलब्धि है, जो इससे पहले पिछले साल यूएस ओपन में उपविजेता रही थीं।इसके साथ ही ओडिशा मास्टर्स और गुवाहाटी मास्टर्स सुपर 100 टूर्नामेंट में भी दूसरे स्थान हासिल किया था।




