सीहोर। मध्य प्रदेश के सीहोर से एक निजी अस्पताल की ऐसी लापरवाही सामने आई, जिसे जानकर हर कोई हैरान रह जाएगा। शहर के 'अटल हॉस्पिटल' (गंगा आश्रम, सीहोर) का है, जहां नियमों ताक पर रखकर एक ही अस्पताल को दो अलग-अलग परिसरो में संचालित किया जा रहा था।इसे मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) कार्यालय की ओर से एक नोटिस भेजी गई है। नोटिस देने से जाहिर हो रहा है कि अटल हॉस्पिटल को पहले 'राय कॉम्पलेक्स भवन' में संचालन की अनुमति दी गई थी। अस्पताल प्रबंधन की ओर से नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए ब्लॉक 'ए' (राय कॉम्पलेक्स) और ब्लॉक 'बी' (एचडीएफसी बैंक परिसर) को अलग-अलग भवनों और बिल्कुल अलग-अलग परिसरों में शुरू कर दिया गया।

​नियमानुसार, अस्पताल के ब्लॉक 'ए' और 'बी' एक ही परिसर के भीतर अलग-अलग भवनों में होने चाहिए। ​इस पूरे मामले में स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। ​काफी दिनों से अस्पताल को अवैध तरीके से संचालित किया जा रहा था।

सीएमएचओ डॉ. सुधीर कुमार डेहरिया की ओर से अस्पताल संचालक को निर्देशित किया गया है कि वह एक सप्ताह के भीतर राय कॉम्पलेक्स (पुराना स्थान) वाले अवैध सेटअप को बंद करें और 3 दिनों के भीतर स्पष्टीकरण पेश करें। अगर तय समय सीमा में कार्रवाई नहीं की गई, तो अस्पताल का पंजीयन लायसेंस तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया जाएगा।

अस्पताल के खिलाफ मध्य प्रदेश उपचार गृह तथा रजोउपचार गृह संबंधी स्थापनाएं अधिनियम 1973 (संशोधित 2022) के तहत कानूनी कार्रवाई की बात कही गई है।

​ऐसे में नोटिस जारी कर प्रशासनिक कार्रवाई कर दी गई है, लेकिन सवाल यह है कि क्या यह सिर्फ कागजी खानापूर्ति है या सचमुच कोई सख्त कार्रवाई होगी? सीहोर की जनता बेलगाम निजी अस्पतालों पर ताला लटकते हुए देखना चाहती है।