इंदौर। मध्य प्रदेश सरकार के नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय अपने बयानों को लेकर एक बार फिर विवादों के घेरे में आ गए हैं। इंदौर में एक भूमिपूजन कार्यक्रम के दौरान उनका विवादित बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसके बाद प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर सियासी पारा चढ़ गया है। कार्यक्रम में दिए गए उनके इस भाषण का वीडियो व्यापक रूप से साझा किया जा रहा है, जिस पर विपक्षी दलों और आम जनता की ओर से तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।

दरअसल, कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय इंदौर-1 विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले वार्ड क्रमांक-1 में 1.73 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाली एक नई सड़क का भूमिपूजन करने पहुंचे थे। इस अवसर पर आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने सरकार के विकास कार्यों और जनकल्याणकारी योजनाओं का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि मोहन यादव सरकार बिना किसी भेदभाव के समाज के सभी वर्गों के लिए काम करती है, लेकिन भाषण के दौरान उनकी जबान फिसल गई और उन्होंने धार्मिक टिप्पणी कर दी।

'लाड़ली बहना का पैसा मत लो, हमने कभी भेदभाव नहीं किया'

मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार की जितनी भी योजनाएं हैं, क्या उसमें कभी किसी लाभार्थी का नाम पूछा गया कि वह रामलाल है या रमजान। लाड़ली बहना योजना और पीएम आवास जैसी बड़ी योजनाओं में किसी भी व्यक्ति की जाति या धर्म नहीं पूछा जाता और सभी को समान रूप से लाभ दिया जाता है।

विवादित बयान: उन्होंने आगे कहा, "जिस जगह यह सड़क बन रही है, वहां मुस्लिम और हिंदू भाई साथ में रहते हैं। कई मुस्लिम भाई हमको काफिर बोलते हैं। अरे हम काफिर हैं, हमने सड़क बनाई है, तो मत चलो भाई। यदि हम काफिर हैं और आपके घर में लाड़ली बहना योजना का पैसा आ रहा है, तो मत लो। हमने कभी भी किसी के साथ भेदभाव नहीं किया। हमने 12 साल पहले नारा दिया था सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास।"

कैलाश विजयवर्गीय के पहले भी रहे हैं कई चर्चित और विवादित बयान

कैबिनेट मंत्री विजयवर्गीय का बयानों को लेकर विवादों में घिरने का यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी वे कई बार अपने बयानों के कारण मीडिया की सुर्खियों में रह चुके हैं:

  • शाजापुर में गांधी परिवार पर टिप्पणी: 25 सितंबर 2025 को शाजापुर में एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाश्या पर विवादित टिप्पणी की थी। उन्होंने कहा था कि पहले लोग बहनों के गांव का पानी तक नहीं पीते थे, लेकिन आज हमारे नेता प्रतिपक्ष बहन का चौराहे पर चुंबन कर लेते हैं। यह संस्कारों का अभाव है और यह विदेश के संस्कार हैं।
  • लड़कियों के कपड़ों पर 'शूर्पणखा' वाला बयान: अप्रैल 2023 में हनुमान और महावीर जयंती के एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा था कि वे रात को नौजवानों को नशे में झूमते देखते हैं तो मन करता है कि 5-7 खींच कर दें ताकि नशा उतर जाए। इसी दौरान उन्होंने कहा था कि लड़कियां भी इतने गंदे कपड़े पहनकर निकलती हैं कि उनमें देवी का स्वरूप नहीं दिखता, वे शूर्पणखा जैसी लगती हैं।
  • पत्रकार से बदसलूकी: इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी पीने से हुई मौतों के मामले पर जब एक पत्रकार ने उनसे तीखा सवाल पूछा था, तो वे आपा खो बैठे थे और उन्होंने अपशब्दों का इस्तेमाल किया था, हालांकि बाद में मामला बढ़ने पर उन्होंने माफी मांग ली थी।

इंदौर में सड़क निर्माण के मंच से दिए गए इस ताजा बयान के बाद कांग्रेस सहित अन्य विपक्षी दलों ने मंत्री के पद और गोपनीयता की शपथ का हवाला देते हुए उन पर संवैधानिक मर्यादाओं को तोड़ने का आरोप लगाया है, जबकि भाजपा इसे सरकार की निष्पक्षता को समझाने का एक तरीका बता रही है।