छतरपुर, रोहित पाठक । मध्य प्रदेश जल निगम मर्यादित परियोजना के तहत राजनगर तहसील की ग्राम पंचायत गढ़ा में 7 लाख लीटर क्षमता की पानी की टंकी का निर्माण कराया जा रहा है। बताया जा रहा है कि इस टंकी से करीब 67 गांवों की पानी की जरूरत पूरी होगी। निर्माण कार्य की जिम्मेदारी मेसर्स डब्ल्यू.पी.आई.एल. लिमिटेड, कोलकाता को सौंपी गई है।
करीब 60 फीट की ऊंचाई पर चल रहे निर्माण कार्य में श्रमिकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। मौके पर मजदूर बिना हेलमेट, सेफ्टी बेल्ट और सुरक्षा जूतों के काम करते नजर आने की बात सामने आई है। वहीं, मौके की तस्वीरों में 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों से मजदूरी कराए जाने का भी आरोप लगाया गया है।
बताया गया कि मजदूर टंकी के ऊपरी हिस्से तक पहुंचने के लिए अस्थायी व्यवस्था के सहारे चढ़ रहे हैं। ऐसे में यदि सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया गया तो हादसे की आशंका बनी हुई है। मीडिया टीम के मौके पर पहुंचने के दौरान निर्माण एजेंसी का कोई इंजीनियर या जिम्मेदार अधिकारी मौजूद नहीं होने की बात भी सामने आई।
ग्रामीणों ने टंकी की ढलाई में इस्तेमाल हो रही निर्माण सामग्री की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाए हैं। आरोप है कि मानक सामग्री के बजाय घटिया धुलाई वाली बालू का इस्तेमाल किया जा रहा है। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
ग्रामीणों ने निर्माण कार्य की निष्पक्ष जांच, निर्माण सामग्री की गुणवत्ता की प्रयोगशाला स्तर पर जांच और श्रमिकों की सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित कराने की मांग की है। साथ ही नाबालिगों से मजदूरी कराए जाने के आरोप की भी जांच कर दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है। अब देखना होगा कि संबंधित विभाग और निर्माण एजेंसी मामले में कब संज्ञान लेते हैं और श्रमिकों की सुरक्षा के साथ निर्माण की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।




