छतरपुर, विनोद मिश्रा। बारिश शुरू होते ही शहर की कॉलोनियों में मूलभूत सुविधाओं की हकीकत सामने आने लगी है। छतरपुर में पूर्व कलेक्टर संदीप जीआर के कार्यकाल में विकसित किए गए ‘ड्रीम प्रोजेक्ट’ फ्रूट फॉरेस्ट तक तो सीमेंट सड़क पहुंच गई, लेकिन इसके आगे बसी कॉलोनी के 200 से अधिक परिवार आज भी सड़क, नाली, पानी और बिजली जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए परेशान हैं।
रहवासियों का आरोप है कि फ्रूट फॉरेस्ट तक सड़क का निर्माण कर दिया गया, लेकिन उसके आगे करीब 10 फीट हिस्से में सड़क नहीं बनाई गई। बारिश के दौरान यही रास्ता कीचड़ में तब्दील हो गया है। सबसे ज्यादा परेशानी स्कूली बच्चों को उठानी पड़ रही है। बच्चों को स्कूल आने-जाने के दौरान कीचड़ से होकर गुजरना पड़ता है, जिससे कई बार उनके फिसलकर गिरने और कपड़े खराब होने की स्थिति बन जाती है।
200 से अधिक मकान, सुविधाएं अधूरी
रहवासियों के मुताबिक कॉलोनी में 200 से अधिक मकान हैं, लेकिन यहां पर्याप्त नालियों की व्यवस्था नहीं है। बारिश का पानी सड़कों पर जमा होने से जलभराव और कीचड़ की स्थिति बन जाती है। सुबह नौकरी और ड्यूटी पर जाने वाले लोगों को वाहन निकालने में परेशानी होती है। वहीं, किसी बीमार व्यक्ति को अस्पताल ले जाना भी चुनौतीपूर्ण हो जाता है।
खुले बिजली के तार बने खतरा
कॉलोनी में पर्याप्त विद्युत पोल नहीं होने के कारण कई घरों तक खुले में तार खींचे गए हैं। रहवासियों का कहना है कि बारिश के मौसम में खुले बिजली के तार गंभीर हादसे का कारण बन सकते हैं। लोगों ने विद्युत पोल लगाने के साथ ही बिजली की लाइनों को व्यवस्थित और सुरक्षित करने की मांग की है।
स्कूली बच्चों को सबसे ज्यादा परेशानी
कॉलोनी के आसपास करीब तीन से चार स्कूल संचालित हैं। सामने स्थित महर्षि स्कूल में भी कॉलोनी के कई बच्चे पढ़ते हैं। बारिश में सड़क की बदहाल स्थिति के कारण बच्चों को स्कूल पहुंचने और वापस घर आने में परेशानी होती है। अभिभावकों का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए सड़क और नाली का निर्माण प्राथमिकता के आधार पर कराया जाना चाहिए।
कलेक्टर को आवेदन, सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत, फिर भी समाधान नहीं
स्थानीय लोगों के अनुसार कॉलोनी की समस्याओं को लेकर पूर्व में कलेक्टर को लिखित आवेदन दिया जा चुका है। इसके अलावा कई बार सीएम हेल्पलाइन पर भी शिकायत दर्ज कराई गई, लेकिन इसके बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका है।
रहवासियों ने प्रशासन से मौके का निरीक्षण कर पूरी कॉलोनी में सड़क, नाली और पानी की व्यवस्था कराने की मांग की है। साथ ही खुले बिजली के तारों को हटाकर सुरक्षित विद्युत व्यवस्था उपलब्ध कराने की अपील की है। लोगों का कहना है कि विकास केवल फ्रूट फॉरेस्ट तक सीमित न रहकर उसके आगे बसे परिवारों तक भी पहुंचना चाहिए, ताकि बारिश के मौसम में उन्हें हर साल इसी तरह की परेशानियों से न जूझना पड़े।




