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राजस्थान की कैमिकल-पटाखा फैक्ट्री में भीषण आग, अब तक 8 मजदूरों की मौत

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PeptechTime
16 फ़रवरी 2026, 08:18 am IST
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भिवाड़ी (राजस्थान)। राजस्थान के भिवाड़ी में एक केमिकल-पटाखा फैक्ट्री में सोमवार सुबह भीषण आग लगने से 8 मजदूरों की जिंदा जलकर मौत हो गई। हादसे में 2 मजदूर गंभीर रूप से झुलस गए, जिन्हें इलाज के लिए दिल्ली एम्स रेफर किया गया है। हादसा खुशखेड़ा करौली इंडस्ट्रियल एरिया में सुबह करीब 9:30 बजे हुआ। उस समय फैक्ट्री में करीब 25 मजदूर काम कर रहे थे। सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं। खुशखेड़ा और भिवाड़ी रीको फायर स्टेशन से आई दमकल गाड़ियों ने करीब डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।


एडीएम सुमिता मिश्रा ने बताया कि पुलिस को गश्त के दौरान घटना की जानकारी मिली, जिसके बाद तत्काल रेस्क्यू शुरू किया गया। फैक्ट्री मालिक राजेंद्र बताया गया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यहां केमिकल के साथ अवैध रूप से पटाखों का निर्माण किया जा रहा था। आग में शव बुरी तरह झुलस गए, कई मामलों में केवल कंकाल शेष रहे। घटनास्थल पर बॉडी पार्ट्स के टुकड़े बिखरे मिले, जिन्हें रेस्क्यू टीम ने पॉलीथीन में इकट्ठा किया।


दोपहर करीब 12:30 बजे कलेक्टर अर्तिका शुक्ला मौके पर पहुंचीं। उन्होंने बताया कि प्रथम दृष्टया यह छोटे एक्सप्लोसिव मटेरियल का मामला प्रतीत होता है, गैस रिसाव के संकेत नहीं मिले हैं। अब तक 5 मृतकों की पहचान हो पाई है, जो बिहार के मोतिहारी के रहने वाले बताए गए हैं। शेष मृतकों की पहचान और रिकॉर्ड जुटाने की प्रक्रिया जारी है। घटना की जांच जारी है और जिम्मेदारों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।


16 फ़रवरी 2026 को 09:59 am बजे

कोटपूतली फॉरेंसिक टीम ने संभाली जांच; फैक्ट्री से मिले हड्डियों और पटाखों के अवशेष

फैक्ट्री धमाके के बाद साक्ष्य जुटाने के लिए कोटपूतली से आई फॉरेंसिक टीम ने घटना स्थल पर गहन छानबीन शुरू कर दी है। टीम के विशेषज्ञों ने मलबे और फैक्ट्री परिसर से विभिन्न प्रकार के सबूत एकत्र किए हैं, ताकि हादसे की प्रकृति और तीव्रता का वैज्ञानिक विश्लेषण किया जा सके। फॉरेंसिक टीम ने अब तक मौके से हड्डियों के टुकड़े और जले हुए पटाखों के सैंपल लिए हैं। इन हड्डियों के नमूनों को डीएनए जांच और पहचान के लिए लैब भेजा जाएगा, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि हादसे में कितने लोगों की जान गई है। टीम की इस जांच से फैक्ट्री में अवैध रूप से रखे गए विस्फोटक और सुरक्षा मानकों के उल्लंघन का बड़ा खुलासा होने की उम्मीद है।

16 फ़रवरी 2026 को 09:40 am बजे

फैक्ट्री के गेट पर हमेशा रहता था ताला, अंदर किसी को जाने की नहीं थी इजाजत

फैक्ट्री में हुए भीषण धमाके के बाद प्रत्यक्षदर्शियों ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। पास की फैक्ट्री में काम करने वाले कर्मचारी सुरेश कुमार ने बताया कि अचानक जोरदार धमाका हुआ और देखते ही देखते पूरी फैक्ट्री आग की लपटों में घिर गई। सूचना मिलने पर पहुँची पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम ने इलाके को खाली कराया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यह फैक्ट्री पिछले डेढ़-दो महीने से संचालित हो रही थी, जहाँ कथित तौर पर पटाखे बनाने का काम चलता था। सुरक्षा के नाम पर फैक्ट्री के मुख्य गेट पर हमेशा ताला लगा रहता था और किसी भी बाहरी व्यक्ति को अंदर जाने की अनुमति नहीं थी। इस खुलासे के बाद फैक्ट्री के अवैध संचालन और सुरक्षा मानकों की अनदेखी को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

16 फ़रवरी 2026 को 09:16 am बजे

रेस्क्यू के दौरान 90% तक झुलसे दो मजदूर, चारों घायल दिल्ली एम्स रेफर

दर्दनाक हादसे के बाद बचाव कार्य (रेस्क्यू) के दौरान दो मजदूर अनूप कुमार और जुन्नु गंभीर रूप से झुलस गए। प्रारंभिक जांच में डॉक्टरों ने दोनों को 90 प्रतिशत से ज्यादा झुलसा हुआ पाया है, जिससे उनकी हालत बेहद चिंताजनक बनी हुई है। इन दोनों के साथ ही विवेक कुमार और मन्नू को भी सुरक्षित रेस्क्यू किया गया, जो हादसे की चपेट में आने से घायल हुए हैं। हादसे की गंभीरता और झुलसे हुए मजदूरों की नाजुक स्थिति को देखते हुए, स्थानीय स्तर पर प्राथमिक उपचार के बाद चारों घायलों को तत्काल दिल्ली एम्स (AIIMS) के लिए रेफर कर दिया गया है। फिलहाल एम्स के बर्न वार्ड में विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में उनका उपचार जारी है। प्रशासन हादसे के कारणों की जांच कर रहा है।

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