रायगढ़/छत्तीसगढ़ (रोहित तिर्की) - कापू तहसील क्षेत्र के ग्राम पंचायत बकालो में बीते 24 अगस्त को हुई जमीन की रजिस्ट्री के बाद बुजुर्ग महिला को जमीन बिक्री के एवज में मिली राशि को लेकर परिवार के भीतर उठे सवालों और चर्चाओं का आखिरकार पटाक्षेप हो गया। मामले को लेकर परिवार के सदस्यों के बीच हुई बैठक में पूछताछ के दौरान परमेश्वर यादव द्वारा कथित रूप से राशि अपने पास होने की बात स्वीकार किए जाने के बाद विवाद को आपसी सहमति से सुलझा लिया गया। परिजनों के अनुसार, बाद में बुजुर्ग महिला रामकुंवर यादव को जमीन बिक्री से संबंधित राशि वापस प्राप्त हो गई।
24 अगस्त को हुई थी जमीन की रजिस्ट्री
जानकारी के अनुसार, ग्राम बकालो निवासी बुजुर्ग महिला रामकुंवर यादव, पति स्वर्गीय चमरा ने 24 अगस्त को अपनी पैतृक जमीन का एक हिस्सा अपने भतीजे परमेश्वर यादव और भतीजी सावित्री बाई के साथ जाकर बज्रेश्वरी गुप्ता, पति जयचंद के पक्ष में पंजीकृत कराया था।
परिजनों के अनुसार, रजिस्ट्री की प्रक्रिया के दौरान बुजुर्ग महिला को जमीन की बिक्री के एवज में चेक तथा नगद राशि दी गई थी। रजिस्ट्री संपन्न होने के बाद शुरुआती तौर पर मामला सामान्य रहा, लेकिन कुछ दिनों बाद परिवार के अन्य सदस्यों को जमीन बिक्री की जानकारी मिलने के साथ ही रकम को लेकर सवाल उठने लगे।
जमीन बिकने की जानकारी के बाद परिवार में उठे सवाल
बताया गया कि बुजुर्ग महिला के अन्य भतीजे, देवर और नाती को जब जमीन की बिक्री के बारे में जानकारी मिली तो उन्होंने रामकुंवर यादव से बिक्री की रकम के संबंध में पूछताछ की।
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परिजनों के अनुसार, बुजुर्ग महिला ने बताया कि रजिस्ट्री के समय उसे राशि दी गई थी, लेकिन इसके बाद वह राशि कहां गई, इसकी उसे स्पष्ट जानकारी नहीं थी। परिवार के सदस्यों के बीच यह सवाल उठने लगा कि जमीन की बिक्री से प्राप्त राशि आखिर किसके पास है। मामले को स्पष्ट करने के लिए उन लोगों से भी पूछताछ की गई, जो रजिस्ट्री के दौरान बुजुर्ग महिला के साथ मौजूद थे।
पूछताछ के दौरान बदला घटनाक्रम
परिजनों के अनुसार, बुजुर्ग महिला को रजिस्ट्री कार्यालय ले जाने वाले परमेश्वर यादव और सावित्री बाई से भी राशि के संबंध में जानकारी ली गई। परिजनों का कहना है कि प्रारंभिक पूछताछ में दोनों ने राशि अपने पास होने से इनकार किया और बताया कि जमीन बिक्री की रकम रामकुंवर यादव के पास ही है।
मामला बढ़ने पर बुजुर्ग महिला के भतीजे सतूराम, देवर पंचराम यादव और नाती सग्गाराम द्वारा मामले की जानकारी लेने के लिए धरमजयगढ़ स्थित रजिस्ट्री कार्यालय पहुंचकर संबंधित स्तर पर अपनी बात रखे जाने की बात सामने आई।
इसी दौरान राहुल टंडन और सौरभ सिंह के नामों को लेकर भी क्षेत्र में अलग-अलग तरह की चर्चाएं होने लगीं। हालांकि, परिजनों के अनुसार बाद में हुई पारिवारिक बैठक में सामने आए तथ्यों के आधार पर इन दोनों व्यक्तियों की जमीन बिक्री की राशि के कथित हेरफेर में कोई भूमिका नहीं पाई गई।
गांव की बैठक में सामने आई राशि की बात
मामले को लेकर परिवार के सदस्यों के बीच बढ़ते विवाद को सुलझाने के लिए गांव में बैठक आयोजित की गई। बताया गया कि बैठक में सग्गाराम, पंचराम यादव और सतूराम की पहल रही।
बैठक के दौरान रजिस्ट्री के समय बुजुर्ग महिला के साथ मौजूद रहे परमेश्वर यादव से सभी के सामने जमीन बिक्री के एवज में मिली राशि के संबंध में पूछताछ की गई।
परिजनों के अनुसार, इसी दौरान परमेश्वर यादव ने कथित रूप से स्वीकार किया कि जमीन बिक्री के एवज में मिली दो लाख रुपये की नगद राशि और चेक उसके पास था। परिजनों का कहना है कि परमेश्वर ने यह भी बताया कि राशि का कुछ हिस्सा उसके द्वारा अपनी आवश्यकताओं में खर्च कर दिया गया था।
इस स्वीकारोक्ति के बाद मामले को लेकर परिवार के बीच चल रहा संदेह काफी हद तक स्पष्ट हुआ और विवाद को बातचीत के माध्यम से सुलझाने की दिशा में पहल की गई।
बुजुर्ग महिला की देखभाल का मुद्दा भी उठा
बैठक में केवल राशि का मुद्दा ही नहीं, बल्कि बुजुर्ग महिला के पालन-पोषण, स्वास्थ्य और देखभाल का विषय भी प्रमुखता से सामने आया।
परिजनों के अनुसार, इसके बाद सग्गाराम और पंचराम यादव बुजुर्ग महिला रामकुंवर यादव को अपने घर लेकर आए और उनके स्वास्थ्य, खान-पान तथा दैनिक देखभाल की जिम्मेदारी संभाली।
परिवार के सदस्यों का कहना है कि बैठक में यह भी तय किया गया कि जमीन बिक्री से संबंधित जो राशि परमेश्वर यादव के पास है, उसे बुजुर्ग महिला को वापस किया जाए। इस पर परमेश्वर यादव द्वारा अपनी गलती स्वीकार करते हुए राशि लौटाने पर सहमति जताई गई। बताया गया कि तत्काल कुछ राशि वापस की गई और शेष राशि भी लौटाने की बात कही गई।
बाद में पूरी राशि मिलने का परिजनों का दावा
परिजनों के अनुसार, बाद के घटनाक्रम में बुजुर्ग महिला रामकुंवर यादव को जमीन बिक्री से संबंधित पूरी राशि प्राप्त हो गई। इसके बाद परिवार के सदस्यों के बीच दोबारा बातचीत हुई और मामले को आपसी सहमति से समाप्त करने का निर्णय लिया गया। परिवार की ओर से अब इस मामले में किसी व्यक्ति के खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई को आगे नहीं बढ़ाने की बात कही गई है।
साथ ही परिजनों ने यह भी स्पष्ट किया कि राहुल टंडन और सौरभ सिंह का बुजुर्ग महिला की जमीन बिक्री से संबंधित राशि के कथित हेरफेर में कोई हाथ नहीं था।
विवाद का परिवार के भीतर ही हुआ समाधान
जमीन की रजिस्ट्री के बाद राशि को लेकर उठे सवालों ने कुछ समय के लिए परिवार और गांव में चर्चा का माहौल बना दिया था। हालांकि, परिवार के सदस्यों द्वारा मामले को बातचीत और आपसी बैठक के माध्यम से सुलझाने का प्रयास किया गया।
परिजनों के अनुसार, बैठक में राशि को लेकर स्थिति स्पष्ट होने के बाद बुजुर्ग महिला को संबंधित रकम वापस मिल गई और परिवार के बीच उत्पन्न विवाद भी समाप्त हो गया।
रिश्तों के बीच सुलझा संपत्ति से जुड़ा विवाद
बकालो में जमीन की रजिस्ट्री के बाद शुरू हुआ यह घटनाक्रम अंततः किसी बाहरी कार्रवाई के बजाय परिवार के सदस्यों की बैठक और आपसी सहमति से समाप्त हुआ। इस दौरान जमीन बिक्री की राशि, बुजुर्ग महिला की देखभाल और परिवार की जिम्मेदारियों जैसे कई मुद्दे सामने आए।
हालांकि, संपत्ति की बिक्री और उससे संबंधित राशि के मामले में भविष्य में किसी भी प्रकार के विवाद से बचने के लिए परिजनों द्वारा लेन-देन और दस्तावेजों को स्पष्ट रूप से सुरक्षित रखना महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
फिलहाल, परिजनों के अनुसार रामकुंवर यादव को जमीन बिक्री से संबंधित राशि प्राप्त हो चुकी है और परिवार ने आपसी सहमति से मामले को समाप्त कर दिया है।














