भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून की रफ्तार तेज हो गई है। गुरुवार को राजधानी भोपाल सहित 8 से अधिक जिलों में झमाझम बारिश दर्ज की गई। इसके साथ ही मानसून ने प्रदेश में अपनी एंट्री (24 जून) के 9 दिनों के भीतर पूरे मध्य प्रदेश को कवर कर लिया है। हालांकि, इस बार मानसून अपने निर्धारित समय (15 जून) से करीब 9 दिन की देरी से पूरे प्रदेश में सक्रिय हो पाया है।


वर्तमान में पांढुर्णा, सीहोर, रतलाम, ग्वालियर, रीवा और दमोह में अच्छी बारिश हो रही है। दमोह जिले में नदी-नाले उफान पर आने से कई इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति निर्मित हो गई है। वहीं, सतना के महारानी लक्ष्मी बाई गर्ल्स स्कूल में आंधी के कारण एक विशाल पेड़ गिरने से दो युवतियां मलबे में दब गईं, जबकि एक बाइक और स्ट्रीट फूड का ठेला भी क्षतिग्रस्त हो गया।


आगामी दिनों के लिए मौसम विभाग का अलर्ट

मौसम विभाग ने अगले 4 दिनों (5 जुलाई तक) प्रदेश के कई हिस्सों में अति भारी बारिश की चेतावनी जारी की है:


  • अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट: हरदा, नर्मदापुरम, रायसेन, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा और बालाघाट में अगले 24 घंटों के दौरान 4 से 8 इंच तक भारी बारिश की संभावना है।


  • भारी बारिश का येलो अलर्ट: अशोकनगर, देवास, खंडवा, बैतूल, सागर, मंडला और डिंडौरी।


  • आगामी रेड अलर्ट: 3 जुलाई को धार और बड़वानी में तथा 4 जुलाई को खरगोन जिले में अति भारी से अत्यंत भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया गया है।


  • सामान्य अलर्ट: भोपाल, इंदौर, उज्जैन और ग्वालियर-चंबल संभाग सहित करीब 40 से अधिक जिलों में आंधी और गरज-चमक के साथ बारिश की चेतावनी दी गई है।


इंदौर में आफत की बारिश: नाले में गिरी थार, एक युवक लापता


बुधवार और गुरुवार को इंदौर में हुई भारी बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। शहर के वार्ड क्रमांक-80 में दुकानों के भीतर पानी घुस गया और सड़कों पर भारी जलभराव देखा गया। इसी दौरान एक थार गाड़ी अनियंत्रित होकर गहरे नाले में समा गई। गनीमत रही कि स्थानीय लोगों ने सूझबूझ दिखाते हुए वाहन में सवार पूरे परिवार को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।

वहीं, इंदौर के द्वारकापुरी थाना क्षेत्र के अहीरखेड़ी-काकड़ इलाके में एक रपटा पार करते समय दो बाइक सवार युवक तेज बहाव में बह गए। इनमें से मनीष नामक युवक को सुरक्षित बचा लिया गया है, जबकि उसका साथी महेश तेज बहाव में लापता हो गया है, जिसकी तलाश में पुलिस और रेस्क्यू टीमें जुटी हुई हैं।


बारिश के आंकड़े: कोटे से अब भी 28% कम बरसा पानी


जून महीने में लगातार आंधी-बारिश और 1 जुलाई को हुए तेज पानी के बावजूद प्रदेश में अब तक कुल 100.2 मिमी (लगभग 4 इंच) बारिश दर्ज की गई है। यह आंकड़ा इस समय तक होने वाली सामान्य बारिश (139.7 मिमी) से 28 प्रतिशत कम है।


जुलाई महीने से बड़ी उम्मीदें: मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, जून में भले ही कम बारिश हुई हो, लेकिन जुलाई महीने में पूरे मानसून सीजन की एक तिहाई (लगभग 40%) बारिश होने का ट्रेंड रहता है। उदाहरण के लिए, भोपाल की सामान्य बारिश 39 इंच है, जिसमें से अकेले 14 इंच जुलाई में गिरता है। बड़े शहरों में जबलपुर में जुलाई के दौरान सबसे ज्यादा (17 इंच से अधिक) पानी बरसता है। मध्य प्रदेश की ओवरऑल औसत सामान्य बारिश 37.3 इंच है।


जिलों में बारिश की वर्तमान स्थिति:


  • सामान्य से ज्यादा बारिश वाले जिले: भोपाल (6 इंच से अधिक), इंदौर, सीहोर, आगर-मालवा, शाजापुर, मंदसौर, नीमच, श्योपुर, बुरहानपुर और अशोकनगर।


  • सामान्य से कम बारिश वाले जिले: छतरपुर, पन्ना, दमोह, सागर, टीकमगढ़, जबलपुर, छिंदवाड़ा, ग्वालियर, उज्जैन, धार और खरगोन सहित कुल 45 जिले।