छतरपुर, संजय अवस्थी। जिले में रविवार को आयोजित पल्स पोलियो अभियान के दौरान स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही सामने आई। अभियान के तहत विभिन्न स्थानों पर पोलियो बूथ बनाए गए, लेकिन कई बूथों पर ड्यूटी पर तैनात स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी और जिम्मेदार अधिकारी अनुपस्थित मिले। सुबह अभियान की शुरुआत में स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन के अधिकारियों ने बच्चों को पोलियो की दवा पिलाकर औपचारिक शुभारंभ किया और फोटो खिंचवाए, लेकिन इसके बाद अभियान की निगरानी नहीं की गई।
जानकारी के अनुसार, 28 जून को जिलेभर में बनाए गए पोलियो बूथों पर मेडिकल की पढ़ाई कर रहे छात्र मौजूद रहे और बच्चों को दवा पिलाने का कार्य करते दिखाई दिए, जबकि उनके साथ तैनात किए गए अनुभवी स्वास्थ्य कर्मचारी कई स्थानों पर नहीं पहुंचे। स्थानीय लोगों का कहना है कि मेडिकल छात्रों के पास अभी पूर्ण व्यावहारिक अनुभव नहीं है और किसी प्रकार की आपात स्थिति बनने पर मौके पर कोई जिम्मेदार स्वास्थ्य कर्मचारी मौजूद नहीं था।
शहर के छत्रसाल चौराहे पर बनाए गए पोलियो बूथ पर भी अव्यवस्थाएं देखने को मिलीं। यहां बच्चों और अभिभावकों के लिए पीने के पानी की व्यवस्था नहीं थी। बूथ पर सैनिटाइजर जैसी बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं थीं। सबसे गंभीर बात यह रही कि वहां स्वास्थ्य विभाग का कोई जिम्मेदार कर्मचारी मौजूद नहीं मिला।
स्थानीय नागरिकों ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि राष्ट्रीय महत्व के इस अभियान में इस प्रकार की लापरवाही बच्चों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ है। लोगों ने जिला प्रशासन से मामले की जांच कर दोषी कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई करने तथा अभियान के शेष चरणों में बेहतर निगरानी सुनिश्चित करने की मांग की है।

