बेंगलुरु। कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया को निशाना बनाकर कथित तौर पर फर्जी स्टिंग ऑपरेशन किए जाने के मामले में केंद्रीय भारी उद्योग एवं इस्पात मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी की सोशल मीडिया टीम से जुड़े बताए जा रहे प्रज्वल प्रसाद मंगलवार को बेंगलुरु में सेंट्रल क्राइम ब्रांच (सीसीबी) पुलिस के सामने पूछताछ के लिए पेश हुए।

सीसीबी ने प्रज्वल प्रसाद को नोटिस जारी किया था। उन पर आरोप है कि उन्होंने नई दिल्ली स्थित कुमारस्वामी के आधिकारिक आवास पर कंटेंट क्रिएटर रितेश कुमार पांडे को एक मोबाइल फोन सौंपा था। अदालत से अंतरिम जमानत मिलने के बाद प्रज्वल मंगलवार सुबह जांच अधिकारियों के सामने पेश हुए।

बेंगलुरु पुलिस आयुक्त सीमांत कुमार सिंह ने बताया था कि स्टिंग ऑपरेशन का वीडियो अपलोड करने के लिए कथित तौर पर इस्तेमाल किया गया मोबाइल फोन दिल्ली में खरीदा गया था और उसे कुशक रोड स्थित केंद्रीय मंत्री कुमारस्वामी के आधिकारिक आवास पर लाया गया था।

पुलिस जांच के अनुसार, बेंगलुरु सिटी पुलिस ने नई दिल्ली से गिरफ्तार किए गए रितेश पांडे ने पूछताछ में बताया कि उसने विनोद शर्मा के साथ करोल बाग से मोबाइल फोन खरीदा था। यह खरीद प्रज्वल प्रसाद के निर्देश पर की गई थी, जो कथित तौर पर कुमारस्वामी की सोशल मीडिया टीम से जुड़े हैं।

इसके बाद मोबाइल फोन को कुमारस्वामी के आधिकारिक आवास पर लाया गया और कथित तौर पर प्रज्वल प्रसाद को सौंप दिया गया।

पुलिस अब दोनों के बीच मोबाइल फोन के लेनदेन और फोन खरीदने के बाद हुए वित्तीय लेनदेन की जांच कर रही है। जांच अधिकारियों को उम्मीद है कि प्रज्वल प्रसाद से पूछताछ में वीडियो को प्रसारित किए जाने की पूरी प्रक्रिया को समझने में मदद मिलेगी।

पुलिस आयुक्त सीमांत कुमार सिंह ने कहा, "प्रज्वल प्रसाद से जानकारी मिलने के बाद वीडियो के प्रसारित होने के तरीके को लेकर स्थिति और स्पष्ट होगी। रितेश पांडे के मोबाइल फोन खरीदने के बाद दोनों के बीच वित्तीय लेनदेन हुआ था। मोबाइल फोन का आदान-प्रदान भी हुआ था। हमें उम्मीद है कि पूछताछ में इन पहलुओं पर स्पष्टता मिलेगी।"

इस बीच, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और विधायक बी.वाई. विजयेंद्र ने इस मामले को लेकर कांग्रेस नेताओं पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता बेवजह इस मुद्दे को राजनीतिक विवाद बना रहे हैं और ऐसा करके खुद ही 'हिट विकेट' हो रहे हैं। विजयेंद्र ने स्टिंग ऑपरेशन की जांच पर सवाल उठाते हुए पूछा कि आखिर यह स्टिंग ऑपरेशन किसने किया था और इसके पीछे उसका क्या मकसद था। उन्होंने आरोप लगाया कि जांच में इन पहलुओं पर उचित ध्यान नहीं दिया गया है।

उन्होंने मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार की भी आलोचना की और कहा कि वह हाल ही में हुए विधान परिषद चुनावों के नतीजों से परेशान हैं। उन्हें जनता की भावनाओं को समझना चाहिए। आगामी हिरियूर उपचुनाव का जिक्र करते हुए विजयेंद्र ने कहा कि मतदाता घटनाक्रम से पूरी तरह अवगत हैं और समय आने पर अपने मताधिकार के जरिए इसका जवाब देंगे।