नई दिल्ली। पोलैंड के सेक्रेटरी ऑफ स्टेट और उप विदेश मंत्री व्लादिस्लाव थियोफिल बार्टोसजेव्स्की ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ करते हुए उन्हें एक 'बेहद सक्षम और शानदार' वैश्विक नेता बताया। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत ने जबरदस्त बदलाव देखा है।

उन्होंने नई दिल्ली में आईएएनएस से बातचीत में कहा, "वह दुनिया के बड़े नेताओं में से एक हैं, इसमें कोई शक नहीं है। वह बेहद सक्षम और बहुत ही सफल नेता हैं। उनके नेतृत्व में भारत ने शानदार तरीके से तरक्की की है। मुझे उनसे मिलने और बात करने का मौका मिला है। वह बहुत व्यवहारिक और भविष्य की सोच रखने वाले नेता हैं। वह भारत को बदल रहे हैं। इसलिए जब वह कहते हैं कि 2047 तक भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा, तो मुझे इस पर पूरा भरोसा है।"

बार्टोसजेव्स्की ने कहा कि भारत एक गुटनिरपेक्ष देश है। उसके पोलैंड और पश्चिमी देशों के साथ अच्छे रिश्ते हैं, वहीं रूस के साथ भी उसके पुराने और मजबूत संबंध बने हुए हैं, जैसे पहले सोवियत संघ के समय थे।

उन्होंने कहा, "भारत की अहमियत और विश्व राजनीति में प्रधानमंत्री मोदी की भूमिका को देखते हुए, मुझे लगता है कि उन्होंने कुछ साल पहले रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से संयम बरतने की अपील भी की थी।"

उन्होंने कहा, "राष्ट्रपति पुतिन प्रधानमंत्री मोदी की बात पर ध्यान देते हैं। प्रधानमंत्री मोदी उन बहुत कम नेताओं में शामिल हैं जो पुतिन पर कुछ हद तक दबाव बना सकते हैं। मुझे लगता है कि यूक्रेन संघर्ष को रोकने में भारत अहम भूमिका निभा सकता है।"

बार्टोसजेव्स्की ने कहा कि समुद्रों में आवाजाही की आजादी बनाए रखने के मुद्दे पर पोलैंड पूरी तरह भारत के साथ है।

उन्होंने कहा, "हम भारत की तरह ही समुद्रों में आवाजाही की आजादी बनाए रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। यूनाइटेड नेशंस कन्वेंशन ऑन द लॉ ऑफ द सी (यूएनसीएलओएस) के तहत जहाजों की स्वतंत्र आवाजाही सुनिश्चित की गई है। हम होर्मुज स्‍ट्रेट के बंद होने की आशंका को लेकर चिंतित हैं। अगर एक जगह ऐसा होने लगे और वहां से गुजरने के लिए शुल्क लिया जाने लगे, तो आगे चलकर मलक्का स्‍ट्रेट भी प्रभावित हो सकता है, जहां से दुनिया के लगभग 50 प्रतिशत व्यापार का रास्ता गुजरता है। इस मामले में हम पूरी तरह भारत के साथ हैं और मिलकर यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि समुद्री व्यापार बिना किसी रुकावट के चलता रहे, क्योंकि यह हमारी आर्थिक सुरक्षा और समृद्धि के लिए बहुत जरूरी है। इसमें भारत की महत्वपूर्ण भूमिका है।"

उन्होंने कहा कि मौजूदा भू-राजनीतिक हालात को देखते हुए पोलैंड हिंद-प्रशांत (इंडो-पैसिफिक) क्षेत्र के साथ सहयोग बढ़ाना चाहता है और इसमें भारत सबसे अहम साझेदारों में से एक है।

बार्टोसजेव्स्की ने कहा, "हम अंडरवॉटर इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में भारत के साथ सहयोग करना चाहते हैं। बाल्टिक सागर में हमें समुद्र के नीचे बिछे केबल टूटने जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ा है। पोलैंड और स्वीडन के बीच समुद्र के नीचे बिछी केबल को नुकसान पहुंचाने की कोशिश भी हुई थी। ऐसे मामलों से निपटने के लिए, खासकर जब घटनाएं किसी देश की समुद्री सीमा के बाहर होती हैं, हम भारत के अनुभव से सीखना चाहते हैं और अपने अनुभव भी साझा करना चाहते हैं।"