नई दिल्ली। भारत में एक ट्रेड मिशन पर आए मोंटाना के गवर्नर ग्रेग जियानफोर्टे ने बुधवार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के "प्रेरणादायक नेतृत्व" की तारीफ की। बुधवार को उन्होंने कहा कि यह नेतृत्व बाकी दुनिया के लिए "एक मिसाल कायम कर रहा है।" आईएएनएस से खास बातचीत में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संवैधानिक पद पर 25 साल सफलता से पूरे करने की बधाई दी।
मोंटाना के गवर्नर ग्रेग जियानफोर्टे बोले, "पीएम मोदी वैश्विक नेता हैं। मैंने हाल ही में प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व पर लिखी पुस्तक ‘पावर विदिन’ पढ़ी है, जिसमें भारत के कठिन दौर से निकलकर वैश्विक तकनीकी शक्ति के रूप में उभरने की यात्रा का उल्लेख किया गया है। भारत ने अपनी कृषि आधारित अर्थव्यवस्था की बुनियाद को बनाए रखते हुए नई तकनीकी क्षमताओं को भी अपनाया है। प्रधानमंत्री मोदी प्रेरणादायी नेतृत्व का उदाहरण पेश कर रहे हैं। उन्होंने पहले देश के भीतर विकास और बेहतर शासन पर ध्यान केंद्रित किया और इसके बाद वैश्विक मंच पर भारत की भूमिका को मजबूत किया।"
उन्होंने आगे कहा, "आप इतिहास के पन्ने पलट सकते हैं। वैश्विक मंच पर उनका नेतृत्व कौशल और अपने लोगों के प्रति समर्पण दिखता है। उन्होंने अपने सिद्धांतों को छोड़े बगैर कुशल नेतृत्व किया। पीएम ने पहले ये काम भारत और भारतीयों के लिए किया, और फिर पूरी दुनिया को इसमें शामिल कर लिया। जी20 जैसे वैश्विक मंच पर प्रधानमंत्री मोदी की भूमिका उल्लेखनीय रही है। एक बात और वैश्विक स्तर पर हिस्सा लेने से पहले उन्हें अपने देश में चीजें दुरुस्त करनी थीं, और उन्होंने ऐसा बखूबी किया है।"
भारत-अमेरिका व्यापार समझौते में भारत को प्राथमिकता दिए जाने के सवाल पर जियानफोर्टे ने कहा कि दोनों देशों के बीच व्यापार पारस्परिक और निष्पक्ष होना चाहिए। उन्होंने कहा, "भारत अपने किसानों को बहुत महत्व देता है और अमेरिका भी अपने किसानों को उतना ही महत्व देता है।"
मोंटाना के गवर्नर ने भारत में दलहन फसलों की खरीद में समय-समय पर आए उतार-चढ़ाव पर कहा, "मोंटाना भारत के साथ दीर्घकालिक कारोबारी संबंध चाहता है। व्यापार समझौता होने से दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंधों को और गहरा करने में मदद मिलेगी।"
इंटरव्यू के दौरान भारतीय पायलट स्मित मच्छार को लेकर अमेरिकी प्रतिनिधि सभा में पेश किए गए प्रस्ताव पर भी जियानफोर्टे ने प्रतिक्रिया दी। प्रस्ताव में पायलट की बहादुरी को मान्यता देने और घटना को आतंकवादी कृत्य के रूप में वर्णित करने की बात कही गई है।
जियानफोर्टे ने कहा, "अमेरिकी कांग्रेस ने भारतीय पायलट की बहादुरी को मान्यता देकर उचित कदम उठाया है। पायलट पर जब को-पायलट ने हमला किया तब विमान में सवार प्रत्येक व्यक्ति की जिंदगी उसके हाथ में थी। पायलट ने न केवल खुद को बचाया, बल्कि हमलावर से निपटने का साहस भी दिखाया। इस कार्रवाई से विमान में सवार सभी लोगों की जान बची।"
जियानफोर्टे ने भारतीय पायलट को ‘हीरो’ बताते हुए कहा, " उसकी बहादुरी को सम्मानित किया जाना उचित है। पायलट ने संकट की स्थिति में साहस दिखाकर पूरी दुनिया के लिए एक उदाहरण पेश किया है।"













