वॉशिंगटन। पेंटागन ने कम लागत वाली हवा से लॉन्च की जाने वाली क्रूज मिसाइलों की जांच और मंजूरी की प्रक्रिया को तेज करने के लिए तीन नई कंपनियों के साथ समझौते किए हैं। ये कंपनियां अमेरिकी वायु सेना के लिए ऐसी मिसाइलें विकसित करने में मदद करेंगी।
इन समझौतों में एंडुरिल, कोएस्पायर और जोन पांच शामिल हैं। ये सभी कंपनियां फैमिली ऑफ अफोर्डेबल मास मिसाइल्स (एफएएमएम) कार्यक्रम के तहत काम करेंगी।
इस पहल का मकसद कम कीमत वाली नई क्रूज मिसाइलों की एक पूरी श्रृंखला को जल्दी से तैयार करना, उनकी क्षमता की जांच करना और अमेरिका में हथियारों के उत्पादन को बढ़ाना है।
पेंटागन ने कहा कि ये समझौते उसकी एक्विजिशन ट्रांसफॉर्मेशन स्ट्रैटेजी का नतीजा हैं। इस योजना का उद्देश्य रक्षा कंपनियों को लंबे समय के लिए स्पष्ट मांग देना, कंपनियों की ओर से विकसित सिस्टम को खरीदना और ज्यादा लचीले कॉन्ट्रैक्ट का इस्तेमाल करना है।
अधिग्रहण और रखरखाव मामलों के उप सचिव माइकल पी. डफी ने कहा, “21वीं सदी की आजादी की रक्षा के लिए हमें काम करने का तरीका बदलना होगा। आज की घोषणा दिखाती है कि एक्विजिशन ट्रांसफॉर्मेशन स्ट्रैटेजी वास्तव में काम कर रही है। इससे रक्षा उद्योग का विस्तार होगा, नई क्षमताएं जल्दी तैयार होंगी और निजी निवेश को बढ़ावा मिलेगा, जिससे नई तकनीक और उत्पादन क्षमता बढ़ेगी।”
इस योजना का एक अहम हिस्सा यह है कि जिन कंपनियों के हथियार जांच और प्रतिस्पर्धी चयन प्रक्रिया में सफल होंगे, उनके साथ सात साल तक के समझौते किए जा सकते हैं। हालांकि, ये समझौते अमेरिकी कांग्रेस से मिलने वाली मंजूरी और जरूरी फंड की उपलब्धता पर निर्भर होंगे।
कांग्रेस ने वित्त वर्ष 2026 के नेशनल डिफेंस ऑथराइजेशन एक्ट में एफएएमएम कार्यक्रम के लिए पांच साल की मंजूरी दी थी।
अब रक्षा विभाग कांग्रेस से वित्त वर्ष 2027 के रक्षा बजट और मंजूरी प्रक्रिया के तहत सात साल के खरीद कार्यक्रम को मंजूरी देने की मांग कर रहा है।
लंबे समय के इस कार्यक्रम का उद्देश्य नई कंपनियों को स्थिरता देना है। इससे निर्माता उत्पादन बढ़ाने में निवेश कर सकेंगे और वायु सेना को हथियारों की ज्यादा भरोसेमंद और नियमित सप्लाई मिल सकेगी।
एफएएमएम कार्यक्रम में दो तरह की मिसाइलें शामिल होंगी, एक ऐसी जिन्हें सामान्य तरीके से ले जाया जा सके और दूसरी जिन्हें पैलेट के जरिए ले जाकर इस्तेमाल किया जा सके। इन दोनों विकल्पों से अमेरिकी वायु सेना को सामान पहुंचाने, संभालने और तैनाती में ज्यादा लचीलापन मिलेगा। दोनों प्रकार की मिसाइलों को एक ही प्रतियोगिता प्रक्रिया के जरिए खरीदा जाएगा।
एफएएमएम कार्यक्रम पहली बार अमेरिकी वायु सेना के वित्त वर्ष 2026 के बजट प्रस्ताव में सामने आया था। यह पेंटागन के लो-कॉस्ट कंटेनराइज्ड मिसाइल्स कार्यक्रम के बाद आया है, जिसमें जमीन से लॉन्च की जाने वाली कम लागत वाली क्रूज मिसाइलों पर काम किया जा रहा है।
दोनों कार्यक्रमों का लक्ष्य बड़ी संख्या में सस्ती मिसाइलें तैयार करना है, ताकि अमेरिका संभावित दुश्मनों को रोकने और जरूरत पड़ने पर उनका मुकाबला करने के लिए ज्यादा हथियार उपलब्ध रख सके।




