टीकमगढ़। टीकमगढ़ शहर की पेयजल व्यवस्था एक बार फिर प्रशासनिक लापरवाही के कारण सवालों के घेरे में आ गई है। शहर के ताल दरवाजा निवासी डॉ. अशोक पस्तोर ने वार्ड क्रमांक-6 की पार्षद रजनी पूनम जायसवाल से लिखित/मौखिक शिकायत करते हुए बताया कि उनके घर में नल से सप्लाई हो रहे पीने के पानी में पक्षियों के पंख निकल रहे हैं। उन्होंने यह भी उजागर किया कि करीब 15 दिन पहले भी इसी प्रकार की स्थिति सामने आई थी, जिससे क्षेत्र के लोगों में भारी आक्रोश और स्वास्थ्य को लेकर चिंता है।
टंकी के निरीक्षण में खुली पोल: 2 साल से टूटी हैं सीढ़ियां, नहीं हुई सफाई
शिकायत को गंभीरता से लेते हुए पार्षद रजनी पूनम जायसवाल भारी बारिश के बीच ही हनुमान चालीसा मंदिर के पास स्थित पेयजल टंकी का जायजा लेने पहुंचीं। निरीक्षण के दौरान वहां मौजूद कर्मचारियों और जमीनी स्थिति से चौकाने वाली खामियां सामने आईं:
वर्षों से सफाई बंद: पेयजल टंकी की कई वर्षों से नियमित सफाई नहीं कराई गई है।
सीढ़ियां क्षतिग्रस्त: पिछले दो वर्षों से टंकी पर चढ़ने वाली सीढ़ियां जर्जर और टूटी पड़ी हैं, जिससे रख-रखाव ठप है।
सुरक्षा जाल गायब: टंकी के ढक्कन और खुले हिस्से पर सुरक्षा जाल (Mesh Network) नहीं लगा है। इसके कारण पक्षी आसानी से टंकी के अंदर चले जाते हैं और गिरकर पानी को दूषित कर रहे हैं।
बीमारियों का खतरा: पुरानी टेरी और ताल दरवाजा क्षेत्र प्रभावित
पार्षद ने बताया कि इसी जर्जर और दूषित टंकी से पुरानी टेरी और ताल दरवाजा जैसे घने रिहाइशी इलाकों में रोजाना पानी की आपूर्ति की जाती है। इस प्रकार का दूषित पानी सप्लाई होना सीधे तौर पर आम जनता की जिंदगी और स्वास्थ्य से खिलवाड़ है। दूषित पानी के लगातार सेवन से टाइफाइड, पीलिया, डायरिया और किडनी से संबंधित गंभीर बीमारियों का खतरा पैदा हो गया है।
सीएमओ और नपा अध्यक्ष से तत्काल सुधार की मांग
जनता के स्वास्थ्य से जुड़े इस गंभीर मुद्दे पर पार्षद रजनी पूनम जायसवाल ने नगर पालिका के मुख्य नगर पालिका अधिकारी (CMO) एवं प्रभारी अध्यक्ष से त्वरित कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने मुख्य रूप से निम्नलिखित कदम उठाने को कहा है:
- हनुमान चालीसा मंदिर के पास स्थित पानी की टंकी की तत्काल व्यापक सफाई कराई जाए।
- टंकी की टूटी सीढ़ियों की तत्काल मरम्मत करवाई जाए ताकि नियमित मॉनिटरिंग हो सके।
- पक्षियों को जाने से रोकने के लिए टंकी पर सुरक्षा जाल लगाया जाए।
- पूरे टीकमगढ़ शहर में सप्लाई होने वाले पेयजल की शुद्धता जांचकर नागरिकों को स्वच्छ जल उपलब्ध कराया जाए।
पार्षद ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि शहरवासियों के स्वास्थ्य और मूलभूत अधिकारों से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और यदि समस्या का शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।




