छतरपुर, संजय अवस्थी। करोड़ों रुपये की लागत से निर्मित हो रहे शासकीय आदर्श महाविद्यालय में छात्र-छात्राओं की संख्या नाममात्र रह जाने से व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं। लगभग 1200 विद्यार्थियों की क्षमता वाले इस महाविद्यालय में वर्तमान में केवल 120 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। इनमें बीए के 70, बीएससी के 23 तथा बीकॉम के 17 विद्यार्थी शामिल हैं। जबकि महाविद्यालय में पर्याप्त शैक्षणिक सुविधाएं और 22 सदस्यीय स्टाफ उपलब्ध है। महाविद्यालय में कुल 22 कर्मचारी पदस्थ हैं, जिनमें 15 शिक्षक शामिल हैं। इनमें 10 स्थायी प्राध्यापक एवं 5 अतिथि विद्वान शिक्षण कार्य कर रहे हैं। इसके बावजूद विद्यार्थियों की संख्या अपेक्षा से काफी कम बनी हुई है।
जानकारी के अनुसार महाविद्यालय भवन का निर्माण लगभग 8 करोड़ 40 लाख रुपये की लागत से वर्ष 2022-23 में शुरू हुआ था, लेकिन अब तक निर्माण कार्य पूर्ण नहीं हो सका है। भवन का हैंडओवर भी अभी तक संबंधित विभाग को नहीं किया गया है।
सूत्रों के अनुसार, विद्यार्थियों की संख्या कम होने के बावजूद पूर्व प्रभारी प्राचार्य एच.डी. अहिरवार के कार्यकाल में करीब दो करोड़ रुपये की सामग्री खरीदी गई थी। स्थानीय लोगों का आरोप है कि खरीदी गई सामग्री का समुचित उपयोग और व्यवस्थित रखरखाव नहीं किया गया है। सामग्री खरीदी में अनियमितताओं के आरोप भी समय-समय पर सामने आते रहे हैं।
इस संबंध में प्रभारी प्राचार्य राजेश कुमार अहिरवार का कहना है कि महाविद्यालय की छतरपुर मुख्यालय से अधिक दूरी तथा विश्वविद्यालयों में पर्याप्त सीटें उपलब्ध होने के कारण यहां प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों की संख्या कम है। उन्होंने बताया कि महाविद्यालय में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाने के लिए लगातार प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। 15 जुलाई तक प्रवेश प्रक्रिया जारी रहेगी तथा शासन की सभी छात्र हितैषी योजनाओं का लाभ विद्यार्थियों को उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि महाविद्यालय की फीस विश्वविद्यालयों की तुलना में कम है, जिससे अधिक से अधिक विद्यार्थियों को आकर्षित करने का प्रयास किया जा रहा है।




