नई दिल्ली। नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) ने पश्चिम बंगाल के मालदा जिले में अप्रैल में हुए चुनाव से पूर्व विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) से विरोध-प्रदर्शनों, हिंसा और न्यायिक अधिकारियों को बंधक बनाने के मामलों में से एक में एक स्थानीय नेता को गिरफ्तार किया है।मालदा के मोथाबाड़ी के स्थानीय नेता सायेम चौधरी उर्फ बाबू चौधरी को एनआईए की टीम ने कोलकाता स्थित एजेंसी के ब्रांच ऑफिस में पूछताछ के बाद हिरासत में ले लिया।
इस मामले में एनआईए ने अब तक कुल 30 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। एनआईए राज्य में विधानसभा चुनावों से पहले मालदा जिले में वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान भीड़ के विरोध-प्रदर्शन और न्यायिक अधिकारियों को अवैध रूप से बंधक बनाने के एक दर्जन से ज्यादा मामलों की जांच कर रही है।
एनआईए की जांच से पता चला कि सायेम चौधरी एक अप्रैल को बीडीओ ऑफिस ब्लॉक-II में न्यायिक अधिकारियों को अवैध रूप से बंधक बनाने में शामिल मुख्य आरोपी था। वह उस भीड़ का हिस्सा था, जिसने कानून व्यवस्था में बाधा डाली और सरकारी ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों पर हमले किए। इन हमलों में नौ पुलिसकर्मी घायल हो गए थे।
एनआईए की जांच के अनुसार, आरोपी ने घटना से एक दिन पहले बीडीओ ऑफिस के सामने भाषण देकर लोगों को हिंसक विरोध-प्रदर्शन के लिए उकसाया था। उसने अन्य सह-आरोपियों के साथ मिलकर साजिश रची थी और उन गैर-कानूनी सभाओं में सक्रिय रूप से भाग लिया था, जिन्होंने एआईआर प्रक्रिया के दौरान हिंसा, डराने-धमकाने और बाधा डालने का काम किया था।
एनआईए चुनाव-पूर्व बड़े पैमाने पर हुई हिंसा के पीछे की बड़ी साजिश के तहत विभिन्न मामलों में शामिल सभी आरोपियों की पहचान करने और उन्हें पकड़ने के लिए अपनी जांच जारी रखे हुए है। एजेंसी ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों पर इन मामलों की जांच शुरू की थी, जिसने मालदा में अप्रैल में हुई हिंसा का स्वतः संज्ञान लिया था।




