काठमांडू। नेपाल के एकमात्र अरबपति बिनोद चौधरी ने राजनीति में भी अपनी पकड़ मजबूत कर ली है। वह नेपाली कांग्रेस के 15वें महाधिवेशन में पार्टी के उपाध्यक्षों में से एक निर्वाचित हुए हैं, जिससे उनका राजनीतिक कद और बढ़ गया है। फोर्ब्स पत्रिका की अरबपतियों की सूची में शामिल एकमात्र नेपाली बिनोद चौधरी की 2026 में कुल संपत्ति 2.1 अरब डॉलर थी। नेपाली कांग्रेस केंद्रीय चुनाव समिति के अनुसार, उन्हें समावेशी कोटे के तहत 1,745 वोट हासिल कर इस पद पर चुना गया। उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी जीवन परियार को 1,658 वोट मिले।

फोर्ब्स के अनुसार, चौधरी का एक लोकप्रिय नूडल्स ब्रांड कंपनी सहित दुनियाभर में हॉस्पिटैलिटी कारोबार में नियंत्रण है। उनके व्यावसायिक हितों में नेपाल में एक बैंक और भारत की ताज होटल शृंखला से जुड़े कई लक्जरी होटल भी शामिल हैं।

2017 में उनकी कुल संपत्ति 1.3 अरब डॉलर थी, जो बढ़कर 2026 में 2.1 अरब डॉलर हो गई, हालांकि 2020 और 2021 में कोविड-19 महामारी के बीच इसमें गिरावट आई थी, हालांकि वे 5 मार्च के संसदीय चुनाव में अब सत्तारूढ़ राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (आरएसपी) के उम्मीदवार से हार गए थे, फिर भी कई अन्य विपक्षी नेताओं की तरह बिनोद चौधरी ने नेपाली कांग्रेस के भीतर अपनी स्थिति मजबूत कर ली है।

उपाध्यक्ष चुने जाने के बाद चौधरी ने उनके लिए वोट करने वाले महाधिवेशन के प्रतिनिधियों का आभार व्यक्त किया। इससे पहले, उन्होंने कहा था कि वे देश के आर्थिक परिवर्तन का नेतृत्व करने में सक्षम पार्टी के रूप में नेपाली कांग्रेस को स्थापित करने के लिए इस पद के लिए चुनाव लड़ रहे हैं। इस पार्टी को नेपाल के लोकतांत्रिक परिवर्तन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने का व्यापक श्रेय दिया जाता है।

हालांकि चौधरी अब नेपाली कांग्रेस के माध्यम से राजनीति में सक्रिय हैं, लेकिन उनके राजनीतिक करियर की शुरुआत 2008 में हुई थी, जब वे नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी (एकीकृत मार्क्सवादी-लेनिनवादी) यानी सीपीएन-यूएमएल का प्रतिनिधित्व करते हुए संविधान सभा के सदस्य बने थे।

पहले संविधान सभा चुनाव के बाद वे पार्टी की आनुपातिक-प्रतिनिधित्व सूची के माध्यम से संविधान सभा के सदस्य बने। इसलिए संसद में उनकी एंट्री सीधे चुनाव के बजाय आनुपातिक प्रतिनिधित्व के जरिए हुई।

2017 में वे आनुपातिक कोटे के तहत निर्वाचित सांसद के रूप में औपचारिक रूप से नेपाली कांग्रेस में शामिल हो गए। बाद में उन्होंने समावेशी प्रतिनिधित्व के माध्यम से पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व में जगह हासिल की।

2021 में नेपाली कांग्रेस के 14वें महाधिवेशन में वे मधेशी कोटे के तहत 2,206 वोट हासिल करके केंद्रीय समिति के सदस्य चुने गए थे ।

बिनोद चौधरी 2022 के संसदीय चुनाव में नवलपरासी पश्चिम जिले के निर्वाचन क्षेत्र नंबर 1 से नेपाली कांग्रेस के उम्मीदवार के रूप में प्रतिनिधि सभा के लिए चुने गए थे।

हालांकि पिछले साल हुए जेन-जी आंदोलन के बाद इस साल 5 मार्च को हुए संसदीय चुनाव में, वे उसी निर्वाचन क्षेत्र से आरएसपी के उम्मीदवार बिक्रम खनाल से हार गए, जिसके पास अब संसद के निचले सदन में लगभग दो-तिहाई बहुमत है।

चुनावी हार ने चौधरी को पार्टी में सक्रिय भूमिका निभाते रहने से नहीं रोका और उन्होंने पार्टी में उपाध्यक्ष पद जीतकर अपनी स्थिति और मजबूत कर ली। 70 वर्षीय चौधरी पहले दो प्रमुख निजी क्षेत्र की संस्थाओं- नेपाल चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री फेडरेशन और नेपाल उद्योग परिसंघ का नेतृत्व कर चुके हैं।