लद्दाख। अपनी प्रतिभा को पहचानकर कोई भी अगर उस पर कड़ी मेहनत करता है और निखारने की लगातार कोशिश करता है, तो एक न एक दिन उसे बड़ी सफलता जरूर मिलती है। नवांग त्सेरिंग की कहानी कुछ ऐसी ही है। नवांग ने लद्दाख मैराथन जीतकर रिकॉर्ड बनाया है।

नवांग त्सेरिंग ने लद्दाख मैराथन में 122 किलोमीटर सिल्क रूट अल्ट्रा (एसआरयू) की दूरी को 12 घंटे, 12 मिनट और 18 सेंकड (12:12:18) में पूरा कर रिकॉर्ड बनाते हुए पहला स्थान हासिल किया है। त्सेरिंग का यह पहला प्रयास था और पहले ही प्रयास में वह चैंपियन बनकर निकले हैं।

लद्दाख मैराथन जीतने के बाद आईएएनएस से खास बातचीत में नवांग ने कहा, "मैंने लद्दाख मैराथन सिल्क रुट अल्ट्रा (एसआरयू) में पहली बार हिस्सा लिया था और पहले प्रयास में ही पहला स्थान हासिल किया है। यह काफी मुश्किल और चुनौतीपूर्ण था। मेरी मांसपेशिया काफी सख्त हो गई थीं। प्रतिस्पर्धा काफी कड़ी थी। इस साल मैंने (12:12:18) रिकॉर्ड बना दिया है।"

नवांग ने अपनी सफलता का श्रेय अपने सभी कोचों, सहयोगियों और प्रशासन को दिया।

मैराथन में आने से जुड़े सवाल पर नवांग ने मुस्कुराते हुए कहा, "मैं अपने दोस्तों को देखकर मैराथन में आया हूं। मैं उन लोगों को देखता था। वे दूसरे राज्यों में जाते थे। वही, देखकर मैंने मैराथन में आने का फैसला किया।"

युवाओं को संदेश देते हुए नवांग ने कहा, "मैं युवाओं से यह कहना चाहता हूं कि आप सभी अपनी प्रतिभा को बर्बाद मत कीजिए। अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करिए। मैं यह नहीं कह रहा कि सभी दौड़ में ही आगे आएं। सभी के पास एक खास प्रतिभा होती है। आप उस प्रतिभा को निखारिए और उसमें आगे बढ़िए।"

नवांग की सफलता निश्चित रूप से उन युवाओं के लिए प्रेरणा है जो अभावों के बीच बड़ी उपलब्धि हासिल करने का प्रयास कर रहे हैं।