विदिशा। नेपाल-तिब्बत सीमा पर हाल ही में आई भीषण बाढ़ और प्राकृतिक आपदा के बीच मध्य प्रदेश के विदिशा से ताल्लुक रखने वाले बागरेचा परिवार की चिंताएं लगातार बढ़ती जा रही हैं। कनाडा के टोरंटो में कार्यरत 50 वर्षीय भारतीय मूल की सॉफ्टवेयर इंजीनियर स्वाति बागरेचा पिछले चार दिनों से लापता हैं और परिजनों का उनसे कोई सीधा संपर्क नहीं हो पा रहा है। हालांकि, उनके मोबाइल फोन पर लगातार घंटी बज रही है, जिससे परिजनों में उनके जीवित और सुरक्षित होने की उम्मीद बंधी हुई है।
कैलाश मानसरोवर यात्रा के दौरान सीमावर्ती क्षेत्र में टूटा संपर्क
परिजनों के अनुसार, स्वाति बागरेचा आठ अगस्त को दिल्ली से ईशा फाउंडेशन के 77 सदस्यीय दल के साथ कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए रवाना हुई थीं। उनकी 14 वर्षीय बेटी अनुष्का इस यात्रा में शामिल नहीं हुई थी और मुंबई में अपनी बड़ी बहन के पास रह रही है। 26 अगस्त की सुबह करीब 9:00 बजे स्वाति से अंतिम बार बात हुई थी, जब वे आव्रजन (Immigration) संबंधी औपचारिकताओं के लिए नेपाल-तिब्बत सीमा पर मौजूद थीं। इसके तुरंत बाद नेपाल के रसुवा क्षेत्र में भोटेकोशी नदी में अचानक भीषण जलप्रलय आ गया, जिससे त्रिशूली और गंडक नदी प्रणालियों में भारी तबाही मची और स्वाति से संपर्क पूरी तरह टूट गया।
चीन सीमा के पास सक्रिय है फोन, सटीक लोकेशन ट्रेस करने में अड़चन
स्वाति के भाई डॉ. प्रशांत बागरेचा ने बताया कि स्वाति का फोन लगातार बज रहा है, लेकिन कोई कॉल रिसीव नहीं कर रहा है। शुरुआती तकनीकी ट्रैकिंग और लोकेशन रिकॉर्ड से पता चलता है कि फोन चीन सीमा के नजदीकी क्षेत्र में सक्रिय है। चूंकि मोबाइल नंबर कनाडा (टोरंटो) में पंजीकृत है, इसलिए उसकी वास्तविक और पिनपॉइंट जीपीएस लोकेशन निकालने में तकनीकी कठिनाई आ रही है। स्थिति को देखते हुए परिवार ने नेपाल स्थित भारतीय और कनाडाई दूतावासों से संपर्क कर त्वरित तकनीकी सहायता और खोज अभियान चलाने की गुहार लगाई है।
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने दिए कूटनीतिक प्रयासों के निर्देश
स्थानीय विधायक मुकेश टंडन द्वारा मामले को संज्ञान में लाए जाने के बाद केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पीड़ित परिवार से बातचीत कर ढांढस बंधाया। केंद्रीय मंत्री ने विदेश मंत्रालय और भारतीय दूतावास के वरिष्ठ अधिकारियों से समन्वय कर स्वाति बागरेचा की सुरक्षित खोजबीन और रेस्क्यू के लिए कूटनीतिक व प्रशासनिक स्तर पर प्रयास तेज करवा दिए हैं। आपदा के साए के बीच परिवार लगातार ईश्वर से स्वाति के सकुशल घर लौटने की प्रार्थना कर रहा है।




