चित्रकूट/सतना। धर्मनगरी चित्रकूट में मंदाकिनी नदी ने अपना रौद्र रूप दिखा दिया है। नदी 30 फीट के उफान पर है। शनिवार देर रात गोरगी बांध के टूटने के बाद हालात और बिगड़ गए। शहर के निचले इलाके, घाट और कई कॉलोनियां जलमग्न हो गईं। बाढ़ के तेज बहाव में आस्था का केंद्र रामघाट का बड़ा पुल भी बह गया, जिससे चित्रकूट का संपर्क कई जगहों से टूट गया है।बिगड़ते हालात के बीच मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव रविवार दोपहर चित्रकूट पहुंचे। उन्होंने हेलीकॉप्टर से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण किया और फिर जमीनी स्तर पर जायजा लिया।आश्रय स्थल में पीड़ितों से मिले सीएम

मुख्यमंत्री ने बाढ़ राहत के लिए बनाए गए आश्रय स्थल में पीड़ित परिवारों से मुलाकात की। उन्होंने खुद अपने हाथों से राहत सामग्री, भोजन के पैकेट और जरूरी दवाइयां वितरित कीं। इस दौरान महिलाओं ने अपने घरों में पानी घुसने की आपबीती सुनाई।सीएम ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि जैसे ही पानी उतरे, बिजली, पानी, सड़क और स्वास्थ्य सुविधाओं को सबसे पहले बहाल किया जाए। साथ ही फसलों के नुकसान का सर्वे कर तत्काल मुआवजा देने को कहा।


सीएम ने कहा- अतिक्रमण बना बाढ़ की वजह

निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने माना कि नदी के किनारे हुआ अतिक्रमण भी इस भीषण बाढ़ की एक बड़ी वजह है। उन्होंने कलेक्टर से चित्रकूट में नदी किनारे हुए अतिक्रमण का पूरा रिकॉर्ड तलब किया है और जांच के बाद सख्त कार्रवाई की बात कही है।विंध्य-बुंदेलखंड में भी हाहाकार


चित्रकूट ही नहीं, पूरे विंध्य और बुंदेलखंड में बाढ़ ने कहर बरपा रखा है।

सतना: शहर में रेलवे ट्रैक पानी में डूब गया, जिससे कई ट्रेनें रोकी गईं। सिटी कोतवाली थाने में घुटनों तक पानी भर गया।

पन्ना: दर्जनभर गांव टापू बन गए हैं, लोगों को नाव से निकाला जा रहा है।

छतरपुर-टीकमगढ़: नदी-नाले उफान पर हैं, कई गांवों का जिला मुख्यालय से संपर्क टूट गया है।मौसम विभाग ने रविवार को प्रदेश के 10 जिलों - सतना, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़, रीवा, मैहर, कटनी, दमोह, निवाड़ी और चित्रकूट में भारी से अति भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। प्रशासन को हाई अलर्ट पर रखा गया है।