इंदौर। महाराष्ट्र के पुणे में छात्रों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाने के बाद कांग्रेस पार्टी अब मध्य प्रदेश के प्रमुख एजुकेशन हब इंदौर में बड़ा छात्र सम्मेलन आयोजित करने जा रही है। 'छात्रों की गूंज' अभियान के तहत लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी 12 सितंबर को इंदौर पहुंचेंगे और युवाओं व विद्यार्थियों को संबोधित करेंगे। कांग्रेस संगठन ने इस कार्यक्रम में मालवा-निमाड़ सहित पूरे प्रदेश से बड़ी संख्या में जेन-जी (Gen-Z) छात्रों को जुटाने की विस्तृत कार्ययोजना तैयार की है।
नेहरू स्टेडियम में प्रस्तावित है महासम्मेलन, निगम आयुक्त को लिखा पत्र
यह विशाल आयोजन इंदौर के नेहरू स्टेडियम में प्रस्तावित किया गया है। कार्यक्रम की रूपरेखा के अनुसार, शुरुआत में विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियां होंगी, जिसके बाद प्रदेश में छात्रों की स्थिति, रोजगार, परीक्षा प्रणाली और शैक्षणिक मुद्दों को प्रामाणिक आंकड़ों के साथ मंच से रखा जाएगा। आयोजन की अनुमति और व्यवस्थाओं के लिए शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे ने नगर निगम आयुक्त को पत्र लिखकर 8 से 12 सितंबर तक नेहरू स्टेडियम आरक्षित करने का अनुरोध किया है।
तैयारियों का जायजा लेने पहुंचे केबी बैजू, वरिष्ठ नेताओं के साथ हुई बैठक
राहुल गांधी के दौरे की तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए उनकी कोर टीम के वरिष्ठ सदस्य केबी बैजू शनिवार को इंदौर पहुंचे। उन्होंने मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी के निवास पर शहर अध्यक्ष चिंटू चौकसे, जिला अध्यक्ष विपिन वानखेड़े, रीना बौरासी, दीपू यादव, सदाशिव यादव और पिंटू जोशी सहित अन्य वरिष्ठ नेताओं के साथ समन्वय बैठक की। बैठक में कार्यक्रम की रूपरेखा, सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन और छात्र संवाद सत्र को लेकर रणनीति बनाई गई।
जबलपुर की जगह एजुकेशन हब इंदौर का किया गया चयन
'छात्रों की गूंज' अभियान के तहत पहले यह आयोजन जबलपुर में आयोजित होना था, लेकिन बाद में विचार-विमर्श के उपरांत इंदौर को चुना गया। कांग्रेस नेताओं के मुताबिक, इंदौर प्रदेश का सबसे बड़ा महानगर और प्रमुख शिक्षा केंद्र है। हाल ही में प्रतियोगी परीक्षाओं और छात्रों की समस्याओं को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शनों का व्यापक असर इंदौर के भंवरकुआं कोचिंग हब में देखा गया था, जहां हजारों छात्र धरने पर बैठे थे। इसी को ध्यान में रखते हुए इंदौर को मुख्य केंद्र बनाया गया है।
केन-बेतवा विस्थापितों के मुद्दों पर भी मुखर रहे हैं राहुल गांधी
इससे पूर्व 13 अगस्त को नई दिल्ली में राहुल गांधी ने मध्य प्रदेश से आए केन-बेतवा लिंक परियोजना प्रभावित प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनी थीं। उन्होंने सोशल मीडिया पर सरकार की नीतियों की आलोचना करते हुए कहा था कि शांतिपूर्ण सत्याग्रह कर रहे लोगों का आवाज उठाने का अधिकार नहीं छीना जाना चाहिए। उन्होंने विस्थापित आदिवासी परिवारों के लिए न्यायपूर्ण मुआवजे और सम्मानजनक पुनर्वास की मांग को पूरी तरह जायज ठहराते हुए कहा था कि जल, जंगल और जमीन सिर्फ संसाधन नहीं, बल्कि जनजातीय समाज की जीवन रेखा हैं।




