भोपाल। मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल (MPBSE) की 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं के परिणाम आज मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घोषित किए। इस वर्ष के नतीजों ने पिछले 16 वर्षों के रिकॉर्ड तोड़ते हुए 'सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन' दर्ज किया है। मुख्यमंत्री ने परिणामों को 'स्वर्णिम मध्य प्रदेश की गाथा' बताते हुए सभी सफल छात्र-छात्राओं को बधाई दी। विशेष रूप से सरकारी स्कूलों के प्रदर्शन और जनजातीय क्षेत्रों की सफलता ने इस बार सबको चौंका दिया है।

10वीं का परिणाम: पन्ना से निकला 'हीरा', प्रतिभा सिंह सोलंकी बनीं प्रदेश टॉपर

हाईस्कूल (10वीं) का कुल परीक्षा परिणाम 73.42% रहा है। इस बार भी बेटियों ने बाजी मारी है और मेरिट लिस्ट में अपना दबदबा कायम रखा है।

प्रदेश टॉपर: पन्ना जिले की प्रतिभा सिंह सोलंकी ने 500 में से 499 अंक प्राप्त कर पूरे प्रदेश में प्रथम स्थान हासिल किया है। मुख्यमंत्री ने उनकी सफलता पर खुशी जताते हुए कहा कि "पन्ना से असली हीरा निकला है।"

सरकारी बनाम प्राइवेट: सरकारी स्कूलों का रिजल्ट 76% रहा, जबकि प्राइवेट स्कूलों का परिणाम 68% पर सिमट गया।

मेरिट का दबदबा: 10वीं की मेरिट लिस्ट में कुल 378 विद्यार्थियों ने जगह बनाई है।

अग्रणी जिले: अनूपपुर जिला 98% के साथ प्रदेश में नंबर वन रहा, जबकि अलीराजपुर 92% के साथ दूसरे स्थान पर रहा।


2वीं का परिणाम: भोपाल की खुशी राय ने किया टॉप, झाबुआ जिला रहा अव्वल

हायर सेकेंडरी (12वीं) का कुल रिजल्ट 76.01% रहा। यहाँ भी छात्राओं का सफलता प्रतिशत (79%) छात्रों से अधिक रहा है।

प्रदेश टॉपर: भोपाल के सुभाष उत्कृष्ट विद्यालय की छात्रा खुशी राय ने प्रदेश में टॉप किया है। उनके साथ ही चांदनी विश्वकर्मा ने भी उत्कृष्ट प्रदर्शन कर शीर्ष स्थान साझा किया।

सरकारी स्कूलों का जलवा: 12वीं में भी सरकारी स्कूलों ने बाजी मारी और 80.43% के साथ निजी स्कूलों को पीछे छोड़ दिया।

मेरिट लिस्ट: 12वीं की मेरिट सूची में 221 विद्यार्थियों ने नाम दर्ज कराया है।

टॉप जिला: 12वीं में सर्वाधिक पास प्रतिशत के साथ झाबुआ (93.23%) प्रथम स्थान पर रहा, जबकि अनूपपुर दूसरे पायदान पर रहा।


मुख्यमंत्री की बड़ी घोषणाएं और नई शिक्षा नीति का असर

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने परिणामों के साथ-साथ शिक्षा प्रणाली में हुए बड़े बदलावों पर भी चर्चा की:

नहीं खराब होगा साल: मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि कोई बच्चा इस परीक्षा में सफल नहीं हो पाया है, तो उसे निराश होने की जरूरत नहीं है। नई शिक्षा नीति के तहत मई में ही दूसरी परीक्षा आयोजित की जाएगी, ताकि छात्रों का पूरा साल खराब न हो।

नकल पर लगाम: मुख्यमंत्री ने संतोष जताया कि इस वर्ष नकल के प्रकरणों में भारी कमी आई है और शुचिता के साथ परीक्षाएं संपन्न हुई हैं।

जनजातीय क्षेत्रों की जीत: सीएम ने विशेष रूप से अनूपपुर, अलीराजपुर और झाबुआ जैसे जनजातीय बहुल जिलों की सराहना की, जिन्होंने पूरे प्रदेश में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर नई मिसाल पेश की है।


यहाँ देखें सकेंगे अपना रिजल्ट (ऑफिशियल लिंक्स)

रिजल्ट घोषित होते ही छात्र स्कूल शिक्षा विभाग और एमपी बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट्स पर जाकर अपना रोल नंबर दर्ज कर अपना परिणाम देख सकते हैं। भारी ट्रैफिक को देखते हुए विभाग ने कई विकल्प खुले रखे हैं:


ऑफिशियल पोर्टल: https://mpbse.mponline.gov.in

डिजी लॉकर (DigiLocker): https://www.digilocker.gov.in

छात्र अपने मोबाइल या कंप्यूटर के माध्यम से 'डिजी लॉकर' पर भी अपनी मार्कशीट सुरक्षित डाउनलोड कर सकते हैं।