भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून पूरी तरह से मेहरबान और सक्रिय हो गया है। प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में पिछले 24 घंटों से लगातार झमाझम बारिश का दौर जारी है। बीते 24 घंटों के भीतर प्रदेश के 35 से भी अधिक जिलों में मध्यम से भारी बारिश दर्ज की गई है। इस दौरान सबसे ज्यादा 4.2 इंच बारिश नर्मदापुरम जिले में रिकॉर्ड की गई है। मौसम विभाग ने आगामी 24 से 48 घंटों के लिए प्रदेश के कई जिलों में भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी जारी करते हुए रेड और ऑरेंज अलर्ट घोषित किया है। राज्य प्रशासन ने सभी जिलों को सतर्क रहने के कड़े निर्देश दिए हैं।
24 घंटे के बारिश के आंकड़े: इन जिलों में झमाझम बरसे बादल
मौसम केंद्र से मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार, प्रदेश भर में बारिश के मुख्य आंकड़े इस प्रकार दर्ज किए गए:
नर्मदापुरम: सबसे अधिक 4.2 इंच बारिश, नरसिंहपुर: 2.5 इंच, राजगढ़: 2.4 इंच, सीहोर और मलाजखंड: 2.2 इंच, भोपाल (राजधानी): 2.1 इंच, पचमढ़ी और मंडला: 1.8 इंच, श्योपुर: 1.5 इंच, सिवनी: 1.3 इंच और खरगोन: 1.1 इंच पानी बरसा।
इसके अलावा उमरिया, छिंदवाड़ा, शिवपुरी, टीकमगढ़, छतरपुर, सतना, बैतूल, दमोह, जबलपुर, इंदौर, रतलाम, दतिया, उज्जैन, धार, सीधी, ग्वालियर, सागर, शाजापुर, विदिशा, देवास, आगर-मालवा, बड़वानी और बुरहानपुर समेत अन्य सभी जिलों में भी तेज बारिश और तूफानी हवाओं का व्यापक असर देखा गया। राजधानी भोपाल सहित कई प्रमुख शहरों में बीती रात से ही रुक-रुककर बारिश का क्रम बना हुआ है।
उमरिया में संजय गांधी पावर प्लांट जलाशय का गेट खोला गया
उमरिया जिले में हो रही मुसलाधार बारिश के बाद संजय गांधी ताप विद्युत केंद्र (पावर प्लांट) के जलाशय का जलस्तर अचानक काफी बढ़ गया है। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए प्रबंधन को जलाशय का एक गेट आधा मीटर तक खोलना पड़ा है, जिससे पानी को नियंत्रित तरीके से बाहर निकाला जा रहा है। प्रशासन और ताप विद्युत केंद्र प्रबंधन लगातार जलस्तर पर पैनी नजर बनाए हुए हैं। निचले इलाकों और नदियों के आसपास रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और जलाशय के पास अनावश्यक रूप से न जाने की कड़ी अपील की गई है।
राजगढ़ के खिलचीपुर में जलभराव, सेंधवा के बिजासन घाट पर घनी धुंध
राजगढ़ में जनजीवन प्रभावित: राजगढ़ जिले में दो दिनों से जारी बारिश के कारण बुधवार को खिलचीपुर में भारी जलभराव हो गया। खेड़ापति हनुमान मंदिर के पास 2 फीट तक पानी भरने से श्रद्धालुओं और स्कूली बच्चों को गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ा, जिससे स्थानीय निवासियों में जल निकासी की बदहाली को लेकर भारी गुस्सा है।
बड़वानी में 15 दिन बाद मानसून की वापसी: बड़वानी जिले के सेंधवा में करीब 15 दिनों के लंबे ब्रेक के बाद सोमवार से रिमझिम बारिश का दौर शुरू हुआ है। बुधवार को मुंबई-आगरा नेशनल हाईवे स्थित बिजासन घाट घनी धुंध की चादर में लिपटा नजर आया, जिसका मनमोहक दृश्य राहगीरों के आकर्षण का केंद्र बना रहा।
सीहोर में उफनते नाले पर जोखिम में डाली स्कूली बच्चों की जान
सीहोर जिले के चरनाल क्षेत्र से प्रशासन की घोर लापरवाही का एक भयावह वीडियो सामने आया है। भारी बारिश के चलते यहां का एक नाला पूरे उफान पर था और पुल के ऊपर से तेज रफ्तार में पानी बह रहा था। इसके बावजूद एक स्कूल बस चालक ने भारी जोखिम उठाते हुए बच्चों से भरी बस को उसी पुल के ऊपर से पार करा दिया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद परिजनों और आम जनता ने बच्चों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। नियमानुसार पुल-रपटों पर पानी होने पर आवाजाही पर सख्त प्रतिबंध होता है, लेकिन फिलहाल इस मामले में प्रशासनिक कार्रवाई का इंतजार किया जा रहा है।




