सागर/बंडा। सागर जिले के चर्चित व बहुचर्चित संदिग्ध जहरीली शराब कांड के बाद बंडा क्षेत्र की समूची पुलिसिंग व्यवस्था में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। पुलिस अधीक्षक अनुराग सुजानिया ने सोमवार को एक व्यापक प्रशासनिक आदेश जारी करते हुए बंडा थाना और उससे संबद्ध चौकियों के लगभग पूरे पुलिस अमले को एक झटके में बदल दिया। आदेश के तहत बंडा थाने में लंबे समय से पदस्थ रहे 35 से अधिक पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से रक्षित केंद्र (पुलिस लाइन) सागर भेज दिया गया है, जबकि रक्षित केंद्र और हाल ही में प्रशिक्षण पूरा करने वाले नए जवानों को बंडा थाना और चौकियों में पदस्थ किया गया है।
विभागीय आदेश में इसे प्रशासनिक दृष्टिकोण से अस्थायी रूप से, अग्रिम आदेश तक नवीन पदस्थापना बताया गया है। यद्यपि तकनीकी रूप से इसे सीधे 'लाइन हाजिर' शब्द नहीं दिया गया है और न ही किसी पुलिसकर्मी को सीधे तौर पर शराब कांड में दोषी ठहराया गया है, लेकिन थाने के इतने बड़े हिस्से का एक साथ स्थानांतरण स्पष्ट संकेत देता है कि शराब कांड के बाद उपजे जनाक्रोश और ध्वस्त हुई मैदानी पुलिसिंग को पटरी पर लाने के लिए यह बड़ी सर्जरी की गई है।
थाने के साथ बरा और गूगरा चौकियों का भी बदला नेटवर्क
पुलिस अधीक्षक द्वारा की गई इस कार्रवाई की जद में केवल मुख्य थाना ही नहीं, बल्कि उससे जुड़ी महत्वपूर्ण चौकियां भी आई हैं। विभाग ने बंडा थाना क्षेत्र के बरा और गूगरा चौकी के मैदानी नेटवर्क को भी पूरी तरह पुनर्गठित किया है। रक्षित केंद्र से नए कर्मचारियों को बंडा थाने के साथ-साथ इन चौकियों में भेजा गया है। वहीं प्रशासनिक व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए चौकी टड़ा (केसली) से राजेंद्र पांडे को हटाकर गूगरा चौकी बंडा का नया प्रभारी नियुक्त किया गया है।
पुराने अमले की पुलिस लाइन में रवानगी, रिजर्व सेंटर से नए चेहरों की एंट्री
जारी आदेश के तहत बंडा थाने में पदस्थ मुन्नालाल धुर्वे, प्रदीप सिंह राजपूत, जिनेन्द्र कुमार यादव, विमला यादव, देवी सिंह, गुलाब सिंह गौंड, भोलानाथ, राजमणी खटीक, रामनिवास, विक्रम सिंह, विनोद पटेल, शरद तिवारी, आशुतोष अहिरवार, कमलेश कुमार साहू, प्रहलाद सिंह, महेश प्रसाद अहिरवार, धनीराम, चाहत शुक्ला, मदन पटेल, सोवरन यादव, विनय कुमार तिवारी, सतबंत सिंह राजपूत, रूचि राजपूत, शारदा धुर्वे, आदित्य कुमार नायक, दशरथ अहिरवार, नीलिका खरे, नरेंद्र अहिरवार, नीलेश सींग, दिनेश कुर्मी, पंकज सिंह सिकरवार, छोटेलाल, मनीष कुमार अहिरवार, रामकुमार पटेल और श्रुत कुमार तिवारी सहित मैदानी अमले को रक्षित केंद्र सागर भेज दिया गया है।
इनके स्थान पर रक्षित केंद्र सागर से आदिल खान, रामू प्रजापति, पूजा अहिरवार, दिनेश गौतम, नरेश कुमार जाटव, सुनील रोहित, बालकिशन सौर, हेमराज पटेल, सुषमा कुर्मी, प्रियंका जैन, प्रदीप बिरथरे, घनश्यामदास नायक, निकिता राजपूत, राहुल सिंह राय, योगेश राज, गीता घोष, अनिल वर्मा, अजय यादव, रक्षा बिदुआ, यशवंत सिंह राजपूत, अनिल गौतम, अमन स्वामी और प्राची दांगी को बंडा थाने में नई जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके अतिरिक्त प्रशिक्षण पूर्ण कर चुके 18 नए आरक्षकों में से सुरेश देवदा, मो. आसिफ खान, बहादुर डाबर, लवकुश राठौर, सोनू रजक, राजकुमारी प्रजापति और अर्चना अहिरवार को भी बंडा थाने में पदस्थ किया गया है।
शराब कांड की जांच और प्रशासनिक सर्जरी
बंडा में जहरीली शराब से मौतों और उसके बाद हुए एनकाउंटर के बाद से ही क्षेत्र लगातार सुलग रहा था। शासन-प्रशासन के स्तर पर पूर्व में थाना प्रभारी और चौकी प्रभारी के निलंबन सहित अनुविभागीय अधिकारी पुलिस (एसडीओपी) स्तर तक गाज गिर चुकी है। जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है और अवैध शराब के अंतरराज्यीय सिंडिकेट के तार खुल रहे हैं, पुलिस अधीक्षक के इस कड़े कदम से स्पष्ट है कि विभाग बंडा में शून्य से नई शुरुआत करना चाहता है। अब नए अमले की तैनाती के बाद अवैध शराब के काले कारोबार पर नकेल कसना और जनता के बीच पुलिस का विश्वास बहाल करना सबसे बड़ी चुनौती होगी।




