भोपाल। मध्य प्रदेश के 17 जिलों में बीते 24 घंटों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है। दतिया में 24 घंटे में 3.5 इंच बारिश के चलते जलभराव की स्थिति बन गई, जिससे स्कूलों में छुट्टी घोषित करनी पड़ी। वहीं, सीधी जिले में सोन नदी का पुल डूबने से 40 से अधिक गांवों का संपर्क कट गया है। इसके बावजूद, प्रदेश के 55 में से 48 जिलों में सामान्य से काफी कम बारिश होने के कारण सूखे जैसे हालात बने हुए हैं।


1. प्रमुख जिलों में बारिश और राहत की स्थिति

दतिया: 24 घंटे में 3.5 इंच बारिश दर्ज की गई। निचले इलाकों में जलभराव के कारण स्कूलों में छुट्टियां घोषित की गईं।


सीधी: सोन नदी उफान पर आने से भंवरसेन घाट का पुल बंद हुआ। भंवरसेन पहाड़ी से पत्थर और मिट्टी खिसकने से आवागमन प्रभावित हुआ है।


रायसेन: सुबह की तेज बारिश के बाद सड़कों पर पानी भरा। जिले में अब तक बेगमगंज में सबसे ज्यादा (22.91 इंच) और सिलवानी में सबसे कम (14.32 इंच) पानी गिरा है।


अन्य जिले: खरगोन, सतना, उज्जैन, ग्वालियर और रीवा में भी हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई।


2. सूखे का असर: फसलों और किसानों पर संकट

प्रदेश में अब तक औसत 16.3 इंच बारिश हुई है, जो सामान्य कोटे (20.5 इंच) से करीब 19% कम है। पूर्वी हिस्सा (23% कम बारिश): जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग के 24 जिलों में 1% से 46% तक कम पानी गिरा है। जबलपुर के पाटन इलाके में धान के खेतों में दरारें पड़ गई हैं। इंदौर, उज्जैन, भोपाल, नर्मदापुरम और ग्वालियर-चंबल संभाग में बारिश कम हुई है। उज्जैन संभाग में सोयाबीन की फसल पर इल्ली का प्रकोप देखा जा रहा है। कर्ज लेकर धान, मक्का और सोयाबीन लगाने वाले किसान बारिश की कमी से फसलों के चौपट होने की आशंका से चिंतित हैं।


3. बड़े शहरों के अगस्त माह के ऐतिहासिक रिकॉर्ड

भोपाल: भोपाल में अगस्त के महीने में औसतन 13 से 14 इंच बारिश दर्ज की जाती है, जो लगभग 14 दिनों तक होती है। यहाँ 24 घंटे में सर्वाधिक बारिश का रिकॉर्ड 14 अगस्त 2006 को बना था, जब 12 इंच पानी गिरा था। वहीं, साल 2006 में पूरे महीने की सर्वाधिक 35 इंच बारिश का रिकॉर्ड दर्ज किया गया था।


इंदौर: इंदौर में अगस्त माह की औसत बारिश 10 से 11 इंच रहती है। शहर में 22 अगस्त 2020 को 24 घंटे के भीतर सर्वाधिक 10.5 इंच बारिश हुई थी। इसके अलावा, अगस्त महीने का सबसे अधिक बारिश का ऑल-टाइम रिकॉर्ड साल 1944 में बना था, जब कुल 28 इंच बारिश दर्ज की गई थी।


ग्वालियर: ग्वालियर में अगस्त के दौरान औसतन 9.5 इंच बारिश होती है। यहाँ 24 घंटे का ऑल-टाइम रिकॉर्ड 10 अगस्त 1927 को दर्ज हुआ था, जब 8.5 इंच पानी बरसा था। शहर में सर्वाधिक मासिक बारिश का रिकॉर्ड वर्ष 1916 का है, जब पूरे अगस्त में 28 इंच बारिश हुई थी।


जबलपुर: जबलपुर में इस महीने की औसत बारिश 18 इंच मानी जाती है। यहाँ 20 अगस्त 1923 को 24 घंटे के भीतर रिकॉर्ड तोड़ 13 इंच बारिश दर्ज की गई थी। इसी वर्ष (1923) जबलपुर में पूरे अगस्त महीने की सर्वाधिक 44 इंच बारिश का ऐतिहासिक रिकॉर्ड भी बना था।


उज्जैन: उज्जैन में अगस्त माह की औसत बारिश 10 इंच होती है। यहाँ 10 अगस्त 2006 को 24 घंटे के दौरान सर्वाधिक 12 इंच बारिश का रिकॉर्ड बना था। साल 2006 में ही पूरे अगस्त महीने में सर्वाधिक 35 इंच बारिश दर्ज की गई थी।


आगे का अनुमान

मौसम विभाग के अनुसार आने वाले 2 से 3 दिनों में पूर्वी और मध्य मध्य प्रदेश के कई जिलों में पुनः तेज बारिश की संभावना है। यदि यह मानसूनी सिस्टम मजबूत रहता है, तो फसलों और जलाशयों के जलस्तर में सुधार हो सकता है।