छतीसगढ़। कोरबा जिले के ढपढप ग्राम में आयोजित 5 दिवसीय हनुमंत कथा के दौरान आस्था और सेवा का अद्भुत संगम देखने को मिला। धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की कथा के अंतिम दिन 108 गरीब, निर्धन और असहाय कन्याओं का सामूहिक विवाह संपन्न कराया गया, जिससे उनके जीवन में नई शुरुआत हुई।


यह आयोजन बागेश्वर धाम की उस परंपरा से प्रेरित बताया गया, जो पिछले कई वर्षों से निरंतर चल रही है। इस विशेष अवसर पर रमेन डेका भी शामिल हुए और नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद दिया। समारोह के दौरान बधाई गीत गूंजे और बागेश्वर सरकार ने नव दंपतियों के साथ खुशियां साझा करते हुए नृत्य भी किया।


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इस अवसर पर सभी नवविवाहित जोड़ों को हनुमान चालीसा, साड़ी और मंगलसूत्र भेंट किए गए। पूरा आयोजन अपना सेवा आश्रम समिति द्वारा सफलतापूर्वक संपन्न कराया गया। यह आयोजन केवल विवाह तक सीमित नहीं रहा, बल्कि समाज के कमजोर वर्गों के लिए सम्मान, सहयोग और नई उम्मीद का प्रतीक बनकर सामने आया।