इंफाल। मणिपुर के मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह को बुधवार को 'ग्लोबल ट्रेडिशनल ताइक्वांडो फेडरेशन' (जीटीटीएफ) द्वारा 'ग्रैंड मास्टर 9वें डैन' की उपाधि से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें इस मार्शल आर्ट के साथ उनके जुड़ाव और इसमें दिए गए उनके योगदान के लिए दिया गया है।
उन्हें यह उपाधि जीटीटीएफ के अध्यक्ष ग्रैंड मास्टर जून ली ने 'पहली मणिपुर राज्य पूमसे ताइक्वांडो चैंपियनशिप 2026' के उद्घाटन समारोह में प्रदान की। यह कार्यक्रम इंफाल के खुमान लम्पक इंडोर स्टेडियम में आयोजित किया गया था।
समारोह के दौरान, मुख्यमंत्री खेमचंद सिंह ने अपने मार्शल आर्ट कौशल और फुर्ती का प्रदर्शन किया, जो इस खेल के प्रति उनके वर्षों के समर्पण और अनुभव को दर्शाता है।
वहां मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह चैंपियनशिप मणिपुर में ताइक्वांडो खिलाड़ियों के स्तर को ऊपर उठाने में मदद करेगी और उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने के अवसर प्रदान करेगी।
खेमचंद सिंह ने उम्मीद जताई कि 'पूमसे ताइक्वांडो चैंपियनशिप' मणिपुर में इस खेल के विकास में योगदान देगी और आने वाले वर्षों में इसे नई ऊंचाइयों तक ले जाने में मदद करेगी।
अपने संबोधन में, जीटीटीएफ अध्यक्ष जून ली ने मुख्यमंत्री की प्रशंसा की और कहा कि 1980 के दशक की शुरुआत में खेमचंद सिंह भारत के सबसे बेहतरीन ताइक्वांडो खिलाड़ियों में से एक थे।
ली ने आगे बताया कि खेमचंद सिंह कई बार इंडियन नेशनल चैंपियनशिप जीत चुके थे और वे देश में ताइक्वांडो के दिग्गज अग्रदूतों में से एक थे।
ली ने यह भी कहा कि बहुत से लोग खेमचंद सिंह को एक राजनीतिक नेता के रूप में जानते हैं, लेकिन राजनीति में आने से बहुत पहले ही वे एक ताइक्वांडो चैंपियन रह चुके थे और इस मार्शल आर्ट से गहराई से जुड़े रहे।
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि मुख्यमंत्री का ताइक्वांडो के साथ लंबे समय से जुड़ाव, इस खेल के प्रति उनके समर्पण को दर्शाता है और यह इस खेल को सीखने वालों, खासकर युवा पीढ़ी के लिए एक प्रेरणा का काम करता है।
मणिपुर के गृह, युवा मामले और खेल मंत्री कोंथौजम गोविंददास सिंह ने कहा कि राज्य में विभिन्न खेलों में प्रतिभाओं की भरमार है।
उन्होंने विश्वास जताया कि 'पूमसे ताइक्वांडो चैंपियनशिप 2026', मणिपुर में एक मजबूत और समावेशी ताइक्वांडो आंदोलन की नींव रखने का काम करेगी।
मंत्री ने युवाओं के बीच अनुशासन, समान अवसर, और प्रतिभा व दृढ़ संकल्प को मान्यता देने वाली खेल संस्कृति को बढ़ावा देने का भी आह्वान किया।
उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे हर तरह की हिंसा को त्याग दें और खेलों के माध्यम से एक शांतिपूर्ण समाज के निर्माण में योगदान दें।
इस कार्यक्रम के अंतर्गत, 'हुयेन लल्लॉन्ग मणिपुर थांग-ता कल्चरल एसोसिएशन' द्वारा मणिपुर की पारंपरिक मार्शल आर्ट 'थांग-ता' का प्रदर्शन किया गया।
दक्षिण कोरिया की शिनहान यूनिवर्सिटी के छात्रों ने भी शानदार प्रस्तुति दी, जिससे इस उद्घाटन कार्यक्रम में एक अंतरराष्ट्रीय आयाम जुड़ गया।
इन प्रस्तुतियों ने मणिपुर और दक्षिण कोरिया के बीच सांस्कृतिक और खेल संबंधी संबंधों को उजागर किया, साथ ही वहां मौजूद लोगों के सामने पारंपरिक मार्शल आर्ट और आधुनिक ताइक्वांडो का प्रदर्शन भी किया।













