नई दिल्ली। टेलीविजन स्पोर्ट्स प्रेजेंटर शेफाली बग्गा ने महादेव बेटिंग ऐप हाई-प्रोफाइल मामले में अपनी भूमिका पर सफाई दी है। उन्होंने कहा कि उन्होंने 'अनजाने में' बेटिंग ऐप को प्रमोट किया था और जांच में अधिकारियों का पूरा सहयोग किया है।प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की हालिया चार्जशीट के मुताबिक, इस मामले में पूछताछ के बाद शेफाली ने 1.20 करोड़ रुपए जमा कर दिए। उन पर महादेव प्लेटफॉर्म पर बेटिंग ऐप्स को प्रमोट करने के लिए यह रकम लेने का आरोप था।
शेफाली ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत करते हुए कहा, "मेरा काम बस सोशल मीडिया पर कुछ ब्रांड्स को अनजाने में प्रमोट करने तक ही सीमित था, जैसा कि कई मशहूर हस्तियां और सेलिब्रिटी करते हैं। इसके अलावा, उन ब्रांड्स या किसी दूसरी संस्था से जुड़ी किसी भी गतिविधि या कामकाज में मेरी कोई भूमिका या जुड़ाव नहीं था। मैंने विभाग की जांच में पूरा सहयोग किया है, पैसे लौटा दिए हैं और मुझे हमारे कानून पर पूरा भरोसा है।"
चार्जशीट के मुताबिक, ईडी को पता चला कि शेफाली को महादेव बेटिंग ऐप सिंडिकेट के लिए प्रमोशनल वीडियो बनाने के बदले करीब 1.5 करोड़ रुपए मिले थे। एजेंसी ने बताया कि दिल्ली में उनके घर पर तलाशी के दौरान ईडी अधिकारियों ने 30 लाख रुपए नकद जब्त किए।
महादेव बुक, जिसे महादेव बेटिंग ऐप के नाम से भी जाना जाता है, हाल के वर्षों में भारत में सबसे बड़े ऑनलाइन बेटिंग प्लेटफॉर्म में से एक बनकर उभरा है। यह मोबाइल ऐप और वेबसाइटों के जरिए क्रिकेट और फुटबॉल जैसे खेलों पर करोड़ों रुपए की अवैध सट्टेबाजी की सुविधा देता है।
यह नेटवर्क पूरे देश में फैल चुका है और खबरों के अनुसार, इसमें कई हाई-प्रोफाइल लोग शामिल हैं। पिछली जांच में, ईडी ने करोड़ों रुपए की संपत्ति जब्त की थी और इस घोटाले से जुड़े लोगों को गिरफ्तार किया था।
महादेव बेटिंग ऐप एक बड़े गैर-कानूनी कारोबार में बदल गया है। ईडी इस देशव्यापी बेटिंग नेटवर्क की अपनी जांच का दायरा बढ़ा रही है।











