लखनऊ। समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता आशुतोष वर्मा ने बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र शास्त्री के बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने धीरेंद्र शास्त्री पर निशाना साधते हुए उन्हें धोखेबाज बताया और आरोप लगाया कि वह भारतीय जनता पार्टी के हाथों की कठपुतली की तरह काम कर रहे हैं। इसके साथ ही उन्होंने भाजपा की 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' पदयात्रा पर भी सवाल उठाते हुए पार्टी पर लोकतंत्र को कमजोर करने का आरोप लगाया।बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र शास्त्री को लेकर समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता आशुतोष वर्मा ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा कि उनका बयान बेहद निंदनीय है। धीरेंद्र शास्त्री एक धार्मिक उपदेशक हैं और उनके बयानों को ज्यादा गंभीरता से नहीं लिया जाना चाहिए।
वर्मा ने उन पर कटाक्ष करते हुए कहा कि जो व्यक्ति खुद को ईश्वर का परम भक्त बताता है, वह विदेशों में महंगी गाड़ियों और आलीशान यॉट में घूमता दिखाई देता है। धीरेंद्र शास्त्री विलासिता का जीवन जी रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि वह भाजपा के इशारों पर काम कर रहे हैं।
समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता ने भाजपा की 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' पदयात्रा पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यह बेहद हास्यास्पद है कि लोकतंत्र को लूटने का आरोप झेलने वाली पार्टी खुद लोकतंत्र बचाने की बात कर रही है।वर्मा ने आरोप लगाया कि पिछले डेढ़ से दो वर्षों से देश के मतदाताओं को भ्रमित किया जा रहा है। भाजपा की इस राजनीतिक मुहिम पर पूरा देश हंस रहा है।
वहीं, समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के वाराणसी दौरे को लेकर भी आशुतोष वर्मा ने जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 31 अक्टूबर को वाराणसी में अखिलेश यादव की एक बड़ी रैली प्रस्तावित थी लेकिन खराब मौसम और अन्य परेशानियों के कारण इसे रद्द करना पड़ा था।
उन्होंने कहा कि अब 3 नवंबर को अखिलेश यादव वाराणसी पहुंचकर पार्टी कार्यकर्ताओं से मुलाकात करेंगे। इस दौरान अखिलेश यादव को बाबा विश्वनाथ का आशीर्वाद भी प्राप्त होगा। इसके साथ ही पार्टी के पदाधिकारियों से भी मुलाकात करेंगे।
पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत ने कहा, "भाजपा समर्थित धार्मिक नेताओं और खुद को संत बताने वालों का पाखंड सामने आता रहता है। जो कोई भी भगवान राम और भगवान कृष्ण के बीच बंटवारा पैदा करने की कोशिश करता है, वह सच्चा धर्मगुरु नहीं हो सकता। ऐसा व्यक्ति केवल लोगों को गुमराह कर सकता है। धीरेंद्र शास्त्री की जितनी भी निंदा की जाए, वह कम है। भगवान राम और भगवान कृष्ण के बीच फूट डालने की कोशिश करने के लिए समाज के हर वर्ग को उनकी निंदा करनी चाहिए।"














