सतना। विश्व पर्यावरण दिवस सप्ताह के अंतर्गत शनिवार 6 जून 2026 को वेंकटेश मंदिर परिसर, सतना में एक विशेष पर्यावरण जनजागरूकता अभियान चलाया गया। मध्य प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालय सतना द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में नुक्कड़ नाटक के माध्यम से आम नागरिकों को पर्यावरण के प्रति सचेत किया गया। इस प्रभावी मंचन के जरिए जल प्रदूषण, वायु प्रदूषण, ध्वनि प्रदूषण, प्लास्टिक के बढ़ते उपयोग, जलवायु परिवर्तन, जल संरक्षण और स्वच्छता जैसे बेहद महत्वपूर्ण और संवेदनशील विषयों पर प्रकाश डालते हुए समाज को जागरूक करने का प्रयास किया गया।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से मौजूद मध्य प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड सतना के प्रतिनिधि राजकुमार मिश्रा ने विभागीय गतिविधियों की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि विश्व पर्यावरण दिवस सप्ताह के तहत पूरे जिले के विभिन्न शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में नुक्कड़ नाटक, जागरूकता रैली, सघन वृक्षारोपण और जनसंवाद जैसे अनेक रचनात्मक कार्यक्रम लगातार आयोजित किए जा रहे हैं, ताकि नागरिकों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक किया जा सके। इसी कड़ी में आयोजित इस नुक्कड़ नाटक के माध्यम से कलाकारों ने जल संरक्षण, वायु प्रदूषण की रोकथाम, स्वच्छता अभियान, जल गंगा संवर्धन अभियान तथा पर्यावरण को बचाने के लिए संचालित विभिन्न सरकारी और सामाजिक गतिविधियों को बेहद प्रभावी और अनूठे ढंग से जनता के सामने प्रस्तुत किया।
राजकुमार मिश्रा ने जनसमुदाय को संबोधित करते हुए कहा कि पर्यावरण का संरक्षण करना केवल शासन-प्रशासन अथवा किसी एक सरकारी विभाग का दायित्व नहीं है, बल्कि यह देश के प्रत्येक नागरिक की परम नैतिक जिम्मेदारी है। वर्तमान समय में जिस तेजी से प्रदूषण बढ़ रहा है और जलवायु परिवर्तन (ग्लोबल वार्मिंग) की चुनौतियां सामने आ रही हैं, उसे देखते हुए हम सभी को अपने अस्तित्व के लिए पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय सहभागिता निभानी होगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि अधिक से अधिक संख्या में वृक्षारोपण करने, पारंपरिक जल स्रोतों का संरक्षण करने तथा दैनिक जीवन में स्वच्छता गतिविधियों में जनभागीदारी बढ़ाने के माध्यम से ही एक स्वस्थ, स्वच्छ और सुरक्षित पर्यावरण का निर्माण किया जा सकता है।
इस दौरान कार्यक्रम में उपस्थित बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों और श्रद्धालुओं से अपने आसपास स्थित प्राकृतिक जल स्रोतों जैसे नदी, तालाब, कुएं एवं प्राचीन बावड़ियों की स्वच्छता व उनके जीर्णोद्धार हेतु सामूहिक प्रयास करने की अपील की गई। वक्ताओं ने नागरिकों का आह्वान किया कि वे नियमित श्रमदान के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण को एक व्यक्तिगत कार्य न मानकर जनआंदोलन का स्वरूप प्रदान करें। उन्होंने कहा कि स्वच्छ जल, स्वच्छ वायु एवं स्वच्छ प्राकृतिक परिवेश को अपनी आने वाली भावी पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रखना हम सभी का परम कर्तव्य है।
नुक्कड़ नाटक के दौरान कलाकारों ने अपनी दमदार प्रस्तुति और संवादों के माध्यम से समाज को झकझोरते हुए कुछ बेहद प्रेरक संदेश भी दिए। कलाकारों ने ऊंचे स्वर में नारा लगाते हुए कहा— “आओ अपनी भूल सुधारें, पर्यावरण का रूप निखारें। सूनी धरती करे पुकार, वृक्ष लगाकर करो श्रृंगार। जल है तो कल है।” इस पूरे कार्यक्रम की सबसे खास बात यह रही कि इस शानदार नुक्कड़ नाटक का सजीव मंचन बीटीएस कॉलेज सतना के एनसीसी (NCC) छात्र-छात्राओं और मध्य प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड सतना की संयुक्त टीम द्वारा किया गया। कार्यक्रम के अंत में आयोजन समिति द्वारा पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाने में सहयोग देने वाले सभी ऊर्जावान प्रतिभागियों एवं स्थानीय नागरिकों के प्रति आभार व्यक्त किया गया, जिन्होंने कार्यक्रम में शामिल होकर पर्यावरण और स्वच्छता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।



