भोपाल। मध्य प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून अपने अंतिम चरण में पहुंच गया है और सितंबर के आखिरी सप्ताह से इसकी विदाई प्रक्रिया शुरू होने का अनुमान है। हालांकि, विदाई से ठीक पहले प्रदेश में झमाझम बारिश का एक और दौर देखने को मिल रहा है। शुक्रवार सुबह राजधानी भोपाल के कोलार सहित कई इलाकों में वर्षा दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार, 21 सितंबर तक राज्य के विभिन्न हिस्सों में गरज-चमक और आंधी के साथ तेज बारिश की गतिविधियां जारी रहेंगी।
मौसम प्रणाली: लो प्रेशर एरिया और चक्रवाती परिसंचरण का असर
मौसम विशेषज्ञ शैलेंद्र कुमार नायक के अनुसार, वर्तमान में दो प्रमुख मौसमी तंत्र (Weather Systems) सक्रिय हैं: सौराष्ट्र और उत्तर-पूर्वी अरब सागर के ऊपर कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है, जो समुद्र तल से 5.8 किमी की ऊंचाई तक फैला है। मानसून ट्रफ राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल से होकर बंगाल की खाड़ी तक गुजर रही है। 19 सितंबर के आसपास उत्तर अंडमान सागर में एक नया निम्न दबाव क्षेत्र बनने के संकेत हैं। इसके पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़कर ओडिशा और उत्तर आंध्र प्रदेश तट की ओर बढ़ने की संभावना है, जिससे एमपी में बारिश का एक और दौर आ सकता है।
4 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट; 24 घंटे में 47 जिलों में हुई वर्षा
मौसम विभाग ने शुक्रवार को प्रदेश के चार पश्चिमी जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है: नीमच, रतलाम, झाबुआ और श्योपुर जिलों में 24 घंटे के भीतर 4 इंच तक मूसलाधार बारिश होने का अनुमान जताया गया है। बीते 24 घंटे के दौरान प्रदेश के 47 जिलों के करीब 190 कस्बों/शहरों में बारिश हुई। मुरैना के सबलगढ़ में सर्वाधिक 4 इंच और निवाड़ी के ओरछा में 2.5 इंच पानी गिरा।
मध्य प्रदेश में अब तक 88.9% बारिश; 32 जिलों में कोटे से कम पानी
प्रदेश में इस मानसून सत्र के दौरान बारिश का आंकड़ा इस प्रकार है: मध्य प्रदेश में अब तक 842.1 मिमी (33.1 इंच) बारिश रिकॉर्ड की गई है, जो कि इस अवधि की सामान्य औसत बारिश (35.6 इंच) से 2.5 इंच (करीब 7 प्रतिशत) कम है। पूर्वी मध्य प्रदेश में औसत से 2 प्रतिशत कम, जबकि पश्चिमी मध्य प्रदेश में औसत से 11 प्रतिशत कम वर्षा हुई है। राज्य के 32 जिलों (जैसे इंदौर, उज्जैन, धार, देवास, जबलपुर, सागर आदि) में सामान्य से 4% से लेकर 50% तक कम बारिश दर्ज की गई है। हालांकि, विदाई से पहले हो रही इस बारिश से जलस्तर में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।




