मुंबई। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) आईपीओ के सब्सक्रिप्शन का सोमवार को अंतिम दिन है, लेकिन इसके ग्रे मार्केट प्रीमियम (जीएमपी) में लगातार उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है और यह अब 60 के नीच पहुंच गया है। मार्केट रिपोर्ट्स के मुताबिक, एनएसआई आईपीओ का जीएमपी अब कम होकर 59 रुपए प्रति शेयर हो गया है, जो कि इश्यू प्राइस का 3.31 प्रतिशत है।

11 सितंबर को आईपीओ के प्राइस बैंड के ऐलान के बाद से इसका जीएमपी 218 रुपए प्रति शेयर पर था, तब से यह लगातार दबाव में बना हुआ है। वहीं, 17 सितंबर को आईपीओ खुलने के दौरान जीएमपी 142 रुपए प्रति शेयर या 7.96 प्रतिशत दर्ज किया गया था।

जीएमपी एक अनाधिकारिक वैल्यू होती है, जो कि आईपीओ के इश्यू प्राइस से ऊपर के मार्केट के प्रीमियम को दिखाती है। हालांकि, यह इश्यू प्राइस से ऊपर प्रीमियम पर लिस्टिंग की गारंटी नहीं है।

इसका प्राइस बैंड 1,700- 1,785 रुपए प्रति शेयर निर्धारित किया गया है। ऊपरी बैंड के मुताबिक, इसका इश्यू साइज 22,561.57 करोड़ रुपए है। इसमें 12.64 करोड़ शेयर पेश किए जा रहे हैं। यह पूरा आईपीओ ओएफएस हैं। इसका मतलब है कि आईपीओ के तहत जुटाया गया सारी राशि मौजूदा निवेशकों के पास जाएगी, न कि कंपनी के पास।

एनएसई आईपीआई में निवेशकों के लिए सबसे बड़ी चिंता कंपनी का कमजोर वित्तीय प्रदर्शन है।

वित्त वर्ष 26 में ऑपरेशन से आय 16,601.31 करोड़ रुपए रही है, जो वित्त वर्ष 25 की दर्ज की गई आय 17,140.67 करोड़ रुपए से कम थी, जो कि सालाना आधार पर तीन प्रतिशत से अधिक की गिरावट को दिखाता है।

बड़ी बात यह है कि इस दौरान कंपनी की आय का मुख्य स्रोत ट्रांजैक्शन चार्जेज में भी गिरावट देखी गई है, जो कि समीक्षा अवधि में 13,635.76 करोड़ रुपए से घटकर 13,057.01 करोड़ रुपए पर आ गया है। यह आंकड़ा सालाना आधार पर चार प्रतिशत की गिरावट को दिखाता है।