सतना, अंबिका केशरी। रामपुर बघेलान तहसील अंतर्गत ग्राम मझियार (गाजन) निवासी दिव्यांग गंगा सिंह ने अपने ही भाइयों पर पुश्तैनी जमीन पर लगे बेशकीमती पेड़ों की अवैध कटाई और साक्ष्य मिटाने के लिए आगजनी करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ित ने प्रशासन से न्याय दिलाने और सुरक्षा प्रदान करने की मांग की है।


गंगा सिंह के अनुसार वर्ष 2005 से परिवार के छह भाइयों के बीच जमीन के बंटवारे को लेकर विवाद चल रहा है। मामला सिविल कोर्ट से होते हुए हाईकोर्ट तक पहुंच चुका है और संबंधित भूमि पर न्यायालय द्वारा स्टे आदेश भी जारी है। इसके बावजूद आरोपियों ने कथित रूप से दबंगई दिखाते हुए विवादित जमीन पर खड़े सागौन और लिपटिस के हरे-भरे एवं बेशकीमती पेड़ों को काटकर बेच दिया।


पीड़ित का कहना है कि जब उन्होंने इस मामले की शिकायत प्रशासनिक अधिकारियों से की तो 7 तारीख को तहसीलदार सहित राजस्व अमला मौके पर पहुंचा और कटे हुए पेड़ों के ठूंठ पाए गए। इसके बाद आरोपियों ने साक्ष्य मिटाने की नीयत से 9 तारीख की रात करीब 12 बजे मौके पर आग लगा दी। इतना ही नहीं, अगले दिन 10 तारीख को दोबारा आग लगाकर सबूतों को पूरी तरह नष्ट करने का प्रयास किया गया। पीड़ित के अनुसार घटनास्थल पर आग के अवशेष अब भी सुलग रहे हैं।


दिव्यांग गंगा सिंह ने अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई है। उन्होंने बताया कि उनके पिता 99 वर्षीय बुजुर्ग हैं और वह स्वयं दिव्यांग हैं। उनका आरोप है कि आरोपी जमीन हड़पने की नीयत से उन्हें लगातार परेशान कर रहे हैं तथा उनकी जान को भी खतरा है।


पीड़ित ने जिला प्रशासन, पुलिस और वन विभाग से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने तथा उन्हें सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की है।