मुंबई। शिवसेना (यूबीटी) नेता किशोरी पेडनेकर ने अभिनेत्री दीया मिर्जा के पटाखों वाले बयान का समर्थन करते हुए भारतीय जनता पार्टी और आरएसएस पर तीखा हमला बोला। अमित शाह के घुसपैठिए वाले बयान पर पलटवार करते हुए उन्होंने आरएसएस को फासीवादी विचारधारा वाला संगठन बताया और कहा कि देश कानून और संविधान से चलेगा।किशोरी पेडनेकर ने कहा, "दिवाली सब मनाते हैं, पटाखे सब जलाते हैं, मोमबत्ती सब लगाते हैं।दीया मिर्जा ने जो बोला, वह आजकल बहुत लोग बोलते हैं कि प्रदूषण बड़े पैमाने पर है, इसलिए ऐसे पटाखे जलाओ जिससे प्रदूषण ज्यादा न हो। यह कहना कोई गलत बात नहीं है, लेकिन भाजपा हमेशा की तरह हिंदू अलग, मुसलमान अलग कर रही है। इसलिए वे जो बोले, वह बकवास है।"
शिवसेना (यूबीटी) नेता ने सवाल किया कि इनके लिए मुद्दा क्या है? इनके पास लोगों को नौकरी देने का मुद्दा नहीं है, लोगों को शिक्षा देने का मुद्दा नहीं है, अकाल खत्म करने या किसानों की मदद करने का मुद्दा नहीं है।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के घुसपैठिए वाले बयान पर शिवसेना (यूबीटी) नेता ने कहा कि सारे क्या घुसपैठिए हैं? जो घुसपैठिए हैं, उनको निकाल दीजिए लेकिन बड़े पैमाने पर साढ़े 13 करोड़ लोगों को अपने चुनावी प्रक्रिया से बाहर कर दिया, वो सब घुसपैठिए हैं क्या?
शिवसेना (यूबीटी) नेता किशोरी पेडनेकर ने कहा कि आरएसएस की शाखा में उन्होंने क्या सीखा ? द्वेष सीखा है। द्वेष के सिवा उनके दिमाग में कुछ नहीं है। वे फासीवादी लोग हैं। यह संगठन फासीवादी विचारधारा वाला संगठन है। हिटलर को मानने वाले ऐसे लोग हैं। उनका संगठन ही वैसा है, उनकी पृष्ठभूमि वैसी है। उनका नमस्कार करने का जो ढंग है, वह भी वहीं से आया हुआ है। यह फासीवादी संगठन है और उसी संगठन में सीखे हुए प्रधानमंत्री और गृहमंत्री हैं। इसलिए वे बकवास करते रहते हैं। यह देश कानून से चलेगा, संविधान से चलेगा। आरएसएस के विचारों से, हिंदुत्व के विचारों से बिल्कुल नहीं चलेगा।
कोलकाता में बाबरी मस्जिद के नाम से मस्जिद बनाने के संबंध में हुमायूं कबीर की टिप्पणी पर किशोरी पेडनेकर ने कहा कि जहां तक कोलकाता मस्जिद के मुद्दे का सवाल है, उसके बारे में मैं कहना चाहूंगा कि हुमायूं कबीर जो बोल रहे हैं, वह मुसलमानों को उकसाने का काम कर रहा है। कहीं न कहीं उसको भी भाजपा बड़े पैमाने पर मदद करती होगी, इसलिए वो ऐसी राजनीति कर रहे हैं। ऐसी बहुत सारी पार्टियां होती हैं, जो धर्म और जाति के जरिए राजनीति करती हैं और सत्ता में बैठे लोगों से पैसा लेकर काम करती हैं। इसलिए उन्हें ज्यादा महत्व देने की जरूरत नहीं है। मुसलमान उनके साथ बिल्कुल नहीं जाएगा।
अभिनेता इमरान खान के माफीनामे पर शिवसेना (यूबीटी) नेता ने कहा कि मेरे ख्याल से हाईकोर्ट ने जो निर्णय दिया है, उसे मानना चाहिए। हाईकोर्ट के निर्णय का सम्मान होना चाहिए।
एनसीपी में फूट की चर्चाओं को लेकर उन्होंने कहा कि ऐसा कुछ उनके दिमाग में होगा, इसलिए ये लोग बौखला गए है और ये जाते कहां हैं? अमित शाह के पास। वहां सलाह लेने और शिकायत करने के लिए। कमाल की बात है। आपकी खुद की पार्टी है, आप बैठकर निर्णय ले लीजिए। अमित शाह जो कहेंगे, उसी के इशारे पर चलेंगे क्या? जैसे प्रधानमंत्री ट्रंप के इशारे पर चलते हैं, वैसे अब आप अमित शाह के इशारे पर चलेंगे क्या?
शिवसेना यूबीटी नेता ने दावा किया है कि एनसीपी राजनीतिक पार्टी ही नहीं रहेगी। मैं तो कहूंगा कि शरद पवार बीमार हैं, इसलिए ज्यादा नहीं बोलूंगा। लेकिन उनके लिए कांग्रेस में आना ही ठीक रहेगा। और क्या चारा है? या तो भाजपा में जाइए या कांग्रेस में आइए। अगर आपको भाजपा अच्छी लगती है, तो उधर जाइए।
उन्होंने कहा कि मेरे ख्याल से जो गांधी-नेहरू और संविधान की विचारधारा को मानने वाले लोग हैं, उनके पास और कोई चारा नहीं है। मुझे लगता है कि कांग्रेस में आने से ही उनका भला होगा।













