कोच्चि। केरल बढ़ते साइबर खतरों से निपटने के लिए अपने 'साइबरडोम' को और मजबूत करेगा। राज्य पुलिस ट्रैफिक कंट्रोल, आपदा प्रबंधन और बचाव कार्यों के लिए देश में बने रोबोट का भी इस्तेमाल करेगी।राज्य के गृह मंत्री रमेश चेन्निथला ने शुक्रवार को केरल पुलिस द्वारा आयोजित 19वें सीओसीओएन सिक्योरिटी और हैकिंग कॉन्फ्रेंस का उद्घाटन करते हुए यह घोषणा की।

उन्होंने कहा कि टेक्नोलॉजी के तेजी से बढ़ने के साथ साइबर हमले और सुरक्षा के नए खतरे भी बढ़ रहे हैं। इन चुनौतियों का सामना करने के लिए सरकार, पुलिस, रिसर्चर्स और टेक्नोलॉजी कंपनियों को मिलकर काम करना होगा।

चेन्निथला ने कहा, "पर्सनल डेटा की चोरी और फाइनेंशियल फ्रॉड से लोगों और संस्थाओं के लिए गंभीर खतरा पैदा हो गया है। पावर प्लांट, हॉस्पिटल और फाइनेंशियल संस्थानों जैसे अहम इंफ्रास्ट्रक्चर को भी बेहतर सुरक्षा की जरूरत है। मिलिट्री की जानकारी और सरकारी रिकॉर्ड को सुरक्षित रखना जरूरी है।"

उन्होंने आगे कहा, "युद्ध, राजनीति और गवर्नेंस में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के बढ़ते इस्तेमाल से साइबर सिक्योरिटी की नई चुनौतियां पैदा हुई हैं।" साथ ही, उन्होंने डेटा और पर्सनल प्राइवेसी की सुरक्षा की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि साइबर सिक्योरिटी के उपाय भी कानूनी और जिम्मेदार होने चाहिए।

केरल पुलिस ने आईहब रोबोटिक्स की मदद से नए रोबोटिक सिस्टम तैयार किए हैं। इन्हें ट्रैफिक मैनेजमेंट, बचाव कार्यों, आपदा के समय मदद और इंडस्ट्रियल ऑटोमेशन के लिए बनाया गया है। इन सिस्टम में 'दक्ष' शामिल है, जो ट्रैफिक को मैनेज करने के लिए बनाया गया रोबोट है। 'कवच', जो मुश्किल इलाकों में बचाव टीमों की मदद कर सकता है और जरूरी सामान पहुंचा सकता है; और 'तारा', जो अलग-अलग भाषाओं में जानकारी दे सकता है और आने वाले लोगों की मदद कर सकता है।

मंत्री ने कहा कि ट्रैफिक मैनेजमेंट रोबोट पुलिसकर्मियों का काम का बोझ कम कर सकते हैं, जिन्हें धूप और बारिश में सड़कों पर लंबे समय तक रहना पड़ता है। नई टेक्नोलॉजी से पुलिस के कामकाज को और बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। राज्य सरकार ज्यादा कर्मचारियों को साइबर सिक्योरिटी की ट्रेनिंग भी देगी और ऑनलाइन खतरों के बारे में लोगों में जागरूकता बढ़ाएगी।

चेन्निथला ने कहा कि साइबर क्राइम से निपटने के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग और पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा कि सीओसीओएन साइबर सिक्योरिटी से जुड़ी जानकारी और नए आइडिया शेयर करने के लिए एक अहम प्लेटफॉर्म बनकर उभरा है।

इस कॉन्फ्रेंस से पुलिस, सरकार, इंडस्ट्री और अंतरराष्ट्रीय समुदाय को फायदा होगा। कॉन्फ्रेंस में डिप्टी नेशनल सिक्योरिटी एडवाइजर टीवी रविचंद्रन, चल्ला श्रीनिवासुलु सेट्टी और पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) रावाडा चंद्रशेखर और मनोज अब्राहम शामिल हुए।