नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने मंगलवार को महत्वपूर्ण पेट्रोकेमिकल उत्पादों के आयात पर कस्टम ड्यूटी छूट को 15 दिन और बढ़ाने का फैसला किया, जिससे यह राहत 15 जुलाई, 2026 तक जारी रहेगी। इससे पहले यह छूट 30 जून को समाप्त होने वाली थी। यह पेट्रोकेमिकल उत्पादों की उसी लिस्ट पर लागू रहेगी जिसे पहले नोटिफाई किया गया था।

यह छूट पश्चिम एशिया में चल रहे टकराव के जवाब में एक अस्थायी उपाय के तौर पर शुरू की गई थी। इसकी वजह संघर्ष के चलते ग्लोबल सप्लाई चेन बाधित होना था, जिससे महत्वपूर्ण पेट्रोकेमिकल उत्पादों की उपलब्धता प्रभावित हुई थी।

वित्त मंत्रालय ने कहा, "यह छूट इसलिए दी गई थी ताकि घरेलू बाजार में पेट्रोकेमिकल्स की पर्याप्त उपलब्धता बनी रहे, क्योंकि इस दौरान भारतीय पेट्रोलियम कंपनियों से एलपीजी के उत्पादन पर ध्यान केंद्रित करने के लिए कहा गया था।"

सरकार के अनुसार, स्थिति अब धीरे-धीरे सामान्य हो रही है। हालांकि, आयातित पेट्रोकेमिकल फीडस्टॉक और इंटरमीडिएट्स पर निर्भर उद्योगों के लिए बिना किसी रुकावट के सुचारू बदलाव सुनिश्चित करने के मकसद से छूट को बढ़ाने का फैसला किया गया है।

सरकार ने कहा कि वह भारत के मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को सपोर्ट करने और जरूरी कच्चे माल की बिना रुकावट उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। इस छूट के जारी रहने से प्लास्टिक, पैकेजिंग, टेक्सटाइल, फार्मास्यूटिकल्स, केमिकल्स, ऑटोमोटिव कंपोनेंट्स और पेट्रोकेमिकल इनपुट पर निर्भर कई अन्य मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर सहित उद्योगों की एक बड़ी रेंज को फायदा होने की उम्मीद है।

मंत्रालय ने कहा, "हालांकि, स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हो रही है, इसलिए प्रभावित सेक्टर के लिए सुचारू और बिना रुकावट बदलाव सुनिश्चित करने के मकसद से उक्त छूट को 15 दिनों की और अवधि के लिए, यानी 15 जुलाई 2026 तक बढ़ाने का फैसला किया गया है। इसमें शामिल प्रोडक्ट्स की लिस्ट पहले बताई गई लिस्ट जैसी ही रहेगी।"

इस विस्तार से मैन्युफैक्चरर्स के लिए इनपुट लागत को स्थिर करने और प्रतिस्पर्धी कीमतों पर तैयार प्रोडक्ट्स की उपलब्धता बनाए रखकर कंज्यूमर्स को राहत मिलने की भी उम्मीद है।