कोलकाता। पश्चिम बंगाल में भाजपा की सरकार बनने के बाद 2013 के कामदुनी गैंगरेप और हत्या मामले में न्याय का इंतजार कर रहे पीड़ित परिवार को नई उम्मीद जगी है। बुधवार को पीड़िता का भाई और बहन मामले से जुड़े दस्तावेज सौंपने और न्याय की मांग करने के लिए कोलकाता में मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के जनता दरबार पहुंचे।

पीड़िता के भाई ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए कहा, "जून 2013 को मेरी बहन परीक्षा देकर घर लौट रही थी। रास्ते में कुछ लोग शराब पी रहे थे। उन सभी ने उसके साथ गैंगरेप किया। हमें अब तक न्याय नहीं मिला है। उस समय की टीएमसी सरकार ने हमें न्याय नहीं दिलाया। अब हम नए मुख्यमंत्री से मिलने आए हैं, इस उम्मीद में कि हमें आखिरकार न्याय मिलेगा।"

उन्होंने कहा, "कामदुनी गैंगरेप और हत्याकांड के बारे में पश्चिम बंगाल के लोग जानते हैं और सभी चाहते हैं न्याय मिलना चाहिए। इसी न्याय की मांग करने के लिए हम मुख्यमंत्री के पास आए हैं।"

इस मामले में एक महिला ने आईएएनएस से कहा, "टीएमसी की सरकार के दौरान मेरी बहन का रेप हुआ और उसकी हत्या कर दी गई, लेकिन हमें इंसाफ नहीं मिला। ममता बनर्जी ने रेप करने वालों को छोड़ दिया, इसलिए आज हम इंसाफ की उम्मीद में जनता दरबार आए हैं। हमें इंसाफ चाहिए और इसीलिए हम यहां आए हैं।"

उन्होंने कहा कि यह एक बड़ी घटना थी, जो बेहद भयावह थी। उस दर्द को शब्दों से बयां नहीं किया जा सकता है। ममता बनर्जी ने इसे एक छोटी घटना बताया था। आज हम लोग न्याय की गुहार लेकर मुख्यमंत्री के जनता दरबार में आए हैं।

गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद नई भाजपा सरकार एक्शन में है। नई सरकार ने बीते दिनों आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में हुए गैंगरेप और हत्याकांड की भी दोबारा फाइल खोली है।