छतरपुर, विनोद मिश्रा। जिला अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं और चिकित्सकों की उपस्थिति व्यवस्था की हकीकत जानने बुधवार को कलेक्टर मृणाल मीना ने औचक निरीक्षण किया। कलेक्टर ने अस्पताल के विभिन्न वार्डों का भ्रमण कर चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों की उपस्थिति, मरीजों को मिल रही सुविधाओं और साफ-सफाई व्यवस्था का जायजा लिया। सुबह की ओपीडी में निरीक्षण के दौरान पांच चिकित्सक अनुपस्थित मिले, जिस पर उन्होंने संबंधित डॉक्टरों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।


निरीक्षण के दौरान डॉ. संजना रॉबिन्सन (सर्जरी), डॉ. बद्री पटेल (सर्जरी), डॉ. ओज दोसाज (हड्डी रोग), डॉ. निधि खरे (स्त्री रोग एवं प्रसूति) और डॉ. आशुतोष चतुर्वेदी (रेस्पिरेटरी मेडिसिन) ओपीडी में अनुपस्थित पाए गए। कलेक्टर ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सभी अनुपस्थित चिकित्सकों को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।


ड्यूटी रोस्टर डिस्प्ले करने के निर्देश

कलेक्टर ने अस्पताल में चिकित्सकों और नर्सों के ड्यूटी रोस्टर की भी जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान ड्यूटी रोस्टर निर्धारित स्थान पर प्रदर्शित नहीं मिला। इस पर उन्होंने तत्काल रोस्टर को निर्धारित स्थान पर डिस्प्ले करने के निर्देश दिए, ताकि मरीजों और उनके परिजनों को ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर एवं स्टाफ की जानकारी आसानी से मिल सके।


बायोमैट्रिक उपस्थिति पर जोर

कलेक्टर ने चिकित्सकों और नर्सों की बायोमैट्रिक उपस्थिति व्यवस्था की भी जांच की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी चिकित्सक प्राथमिकता से बायोमैट्रिक प्रणाली के माध्यम से अपनी उपस्थिति दर्ज करें। साथ ही अस्पताल प्रबंधन को उपस्थिति व्यवस्था का नियमित रूप से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।


एएनसी क्लीनिक में गर्भवती महिलाओं से लिया फीडबैक

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर एएनसी क्लीनिक भी पहुंचे। यहां उन्होंने गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य परीक्षण और उपचार की जानकारी ली। उन्होंने मरीजों से सीधे संवाद कर चेकअप में लगने वाले समय, चिकित्सकीय परामर्श और उपचार के संबंध में फीडबैक लिया। कलेक्टर ने स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर बनाने के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।


गंदगी पर सिक्योरिटी एजेंसी पर पेनाल्टी के आदेश

जिला अस्पताल परिसर में गंदगी मिलने पर कलेक्टर ने नाराजगी जताई। उन्होंने साफ-सफाई व्यवस्था में लापरवाही पाए जाने पर कृष्ण सिक्योरिटी सर्विसेज पर पेनाल्टी अधिरोपित करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही अस्पताल परिसर में गंदगी फैलाने वाले लोगों के खिलाफ भी जुर्माने की कार्रवाई शुरू करने के निर्देश दिए।


कलेक्टर ने अस्पताल प्रबंधन को साफ-सफाई, चिकित्सकों की उपस्थिति और मरीजों को समय पर बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के मामले में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरतने के निर्देश दिए।