मुंबई। दक्षिण अफ्रीका के महावाणिज्य दूत गिदोन लाबाने ने सोमवार को कहा कि भारत और एसएसीयू (सदर्न अफ्रीकन कस्टम्स यूनियन) व्यापार समझौते को लेकर बातचीत कर रहे हैं। अभी किन सामनों को समझौते में शामिल किया जाएगा या नहीं, इस पर कोई फैसला नहीं हुआ है, लेकिन दोनों पक्षों के बीच बातचीत सही दिशा में आगे बढ़ रही है। देश की आर्थिक राजधानी में एक इवेंट के साइडलाइन में मीडिया से बातचीत करते हुए लाबाने ने कहा, "दोनों ही पक्ष इस बात से निराश हैं कि अभी कोई व्यापार समझौता नहीं है। इससे चीजें हमारी उम्मीद से धीमी रही हैं, लेकिन हम सभी जानते हैं कि दोनों तरफ सरकारी कामकाज कितना धीमा हो सकता है।
हालांकि, हाल ही में कुछ प्रगति हुई है, खासकर अब जब भारत ने एसएसीयू के साथ बातचीत फिर से शुरू कर दी है। एसएसीयू (सदर्न अफ्रीकन कस्टम्स यूनियन), जिसमें दक्षिणी अफ्रीका के लगभग पांच देश दक्षिण अफ्रीका, बोत्सवाना, लेसोथो, स्वाजीलैंड, और लेसोथो शामिल हैं।"
उन्होंने आगे कहा कि हमें काफी संयम रखने की आवश्यकता है। दोनों पक्षों के बीच बातचीत सही दिशा में आगे बढ़ रही है, लेकिन अभी तक कौन-सा सामान व्यापार समझौते में शामिल किया जाएगा या नहीं, इस पर कोई फैसला नहीं हुआ है।
लाबाने ने आगे कहा कि दोनों देशों (दक्षिण अफ्रीका और भारत) के बीच कई कारणों से सहयोग और साझेदारी के कई क्षेत्र हैं। सबसे पहली और अहम बात यह है कि हमारे दोनों देशों का इतिहास एक जैसा रहा है। दोनों ही देश पहले एक ही औपनिवेशिक ताकतों के अधीन रहे हैं, इसलिए हमारा एक साझा इतिहास है। इसके अलावा, दक्षिण अफ्रीका में भारतीय मूल के भी कई लोग रहते हैं, जो हमारे दोनों देशों के बीच समानता का एक और पहलू जोड़ता है।
















