न्यूयॉर्क। भारत और यूरोपीय संघ (ईयू) ने शुक्रवार को पर्यटन, आतिथ्य और परिवहन क्षेत्रों में सहयोग को और मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की।यह चर्चा संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) के 81वें सत्र से इतर न्यूयॉर्क में विदेश मंत्रालय में सचिव (पश्चिम) सीबी जॉर्ज और सतत परिवहन और पर्यटन के लिए यूरोपीय संघ के आयुक्त अपोस्टोलोस त्जित्जिकोस्टास के बीच बैठक के दौरान हुई।
विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किया, "सचिव (पश्चिम) सीबी जॉर्ज ने यूएनजीए से इतर सतत परिवहन और पर्यटन के लिए यूरोपीय संघ के आयुक्त अपोस्टोलोस त्जित्जिकोस्टास से मुलाकात की। उन्होंने व्यापक भारत-ईयू साझेदारी के हिस्से के रूप में पर्यटन, आतिथ्य और परिवहन क्षेत्रों में सहयोग को और मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की।"
इससे पहले दिन में सीबी जॉर्ज ने समुद्र के जलस्तर में वृद्धि पर संयुक्त राष्ट्र घोषणा को अपनाए जाने का स्वागत किया और तटीय लचीलापन, मैंग्रोव संरक्षण और आपदा-रोधी बुनियादी ढांचे पर भारत के प्रयासों पर प्रकाश डाला।
उन्होंने यूएनजीए के 81वें सत्र में समुद्र के जलस्तर में वृद्धि से उत्पन्न अस्तित्वगत खतरों से निपटने पर उच्च-स्तरीय पूर्ण बैठक में भारत का वक्तव्य देते हुए ये बातें कहीं। वरिष्ठ राजनयिक ने समुद्र के कानून पर संयुक्त राष्ट्र कन्वेंशन (यूएनसीएलओएस), स्थिर समुद्री क्षेत्रों और द्वीप तथा तटीय देशों के लिए राज्य के दर्जे की निरंतरता के महत्व को रेखांकित किया।
विदेश मंत्रालय ने एक्स पर पोस्ट किया, "उन्होंने समुद्र के जलस्तर में वृद्धि पर संयुक्त राष्ट्र घोषणा को अपनाए जाने का स्वागत किया और तटीय लचीलापन, मैंग्रोव संरक्षण और आपदा-रोधी बुनियादी ढांचे पर भारत के प्रयासों पर प्रकाश डाला। उन्होंने समानता और सीबीडीआर-आरसी के महत्व की पुष्टि की और यूएनसीएलओएस, स्थिर समुद्री क्षेत्रों और द्वीप और तटीय देशों के लिए राज्य के दर्जे की निरंतरता के महत्व को रेखांकित किया।"
सीबी जॉर्ज ने गुरुवार को 81वें यूएनजीए सत्र के दौरान 'व्यवहार में राष्ट्रीय स्वामित्व: अंतरराष्ट्रीय शांति निर्माण समर्थन के माध्यम से समावेशी राज्य संस्थानों को मजबूत करना' विषय पर शांति निर्माण आयोग की मंत्रिस्तरीय बैठक में भाग लिया और शांति निर्माण में स्वामित्व की केंद्रीयता की पुष्टि की।











