नई दिल्लीभारतीय कंपनियों की कुल आय में वित्त वर्ष 2027 की जून तिमाही में सालाना आधार पर 22 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। यह वृद्धि पिछली तिमाही में दर्ज 13 प्रतिशत की वृद्धि से काफी अधिक है। यह जानकारी गुरुवार को जारी रिपोर्ट में दी गई। आईसीआरए की रिपोर्ट के अनुसार, इस तेज सुधार की प्रमुख वजह कमोडिटी और बुलियन की ऊंची कीमतें, पिछले वर्ष जीएसटी दरों में कटौती से मिली मांग की निरंतर मजबूती, विशेष रूप से ऑटोमोबाइल क्षेत्र में, और पश्चिम एशिया में तनाव और अल नीनो के प्रभाव को लेकर चिंताओं के बावजूद उपभोक्ता खर्च का मजबूत बने रहना रहा।
हालांकि, आय में मजबूत वृद्धि के बावजूद मुनाफे पर दबाव रहा। तिमाही के दौरान कुल ऑपरेटिंग प्रॉफिट मार्जिन (ओपीएम) में सालाना आधार पर 200 बेसिस प्वाइंट से अधिक की गिरावट आई, जबकि शुद्ध मुनाफे की वृद्धि लगभग स्थिर रही।
कमजोर प्रदर्शन की मुख्य वजह तेल रिफाइनिंग क्षेत्र रहा, जहां कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और एलपीजी एवं पेट्रोलियम उत्पादों की बिक्री में हुए नुकसान ने कमाई पर असर डाला।
हालांकि, तेल और गैस क्षेत्र को अलग कर देखें तो तस्वीर काफी मजबूत रही। ऑपरेटिंग मार्जिन करीब 19 प्रतिशत पर स्थिर रहा, जबकि शुद्ध मुनाफे में सालाना आधार पर 20 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई।
आईसीआरए ने कहा कि तिमाही के दौरान खपत से जुड़े क्षेत्र विकास के प्रमुख चालक बनकर उभरे।
ऑटोमोबाइल ओरिजिनल इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरर्स (ओईएम) ने आय में सबसे मजबूत वृद्धि दर्ज की। इसके अलावा एफएमसीजी, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, परिधान और किराना रिटेल, ज्वेलरी रिटेल तथा क्विक-सर्विस रेस्टोरेंट चेन ने भी अच्छा प्रदर्शन किया।
आईसीआरए के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट और ग्रुप हेड-कॉरपोरेट रेटिंग्स जितिन मक्कड़ ने इन रुझानों पर टिप्पणी करते हुए कहा कि तिमाही की शुरुआत में मांग और लागत को लेकर संभावित झटके की चिंताओं का कारोबार के प्रदर्शन पर अंततः सीमित प्रभाव पड़ा।
मक्कड़ ने कहा, “जहां ऑटोमोबाइल ओरिजिनल इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरर्स (ओईएम) ने आय में सबसे मजबूत वृद्धि दर्ज की, वहीं एफएमसीजी, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, परिधान और किराना रिटेल, ज्वेलरी रिटेल तथा क्विक-सर्विस रेस्टोरेंट जैसे कई अन्य उपभोक्ता-केंद्रित क्षेत्रों ने भी अच्छा प्रदर्शन किया।”




