नई दिल्ली। भारत और श्रीलंका के रक्षा अधिकारियों ने गुरुवार को नई दिल्ली में दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग को और मजबूत करने की दिशा में एक अहम बैठक की। इस दौरान आपसी सहयोग से जुड़े कई मुद्दों पर चर्चा की और भविष्य में साझेदारी बढ़ाने पर सहमति जताई।
भारत के रक्षा मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पोस्ट में लिखा, ''रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने गुरुवार को नई दिल्ली में श्रीलंका के रक्षा मंत्रालय के सचिव, एयर वाइस मार्शल (सेवानिवृत्त) संपथ थुयाकोंथा से मुलाकात की।
दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय रक्षा सहयोग योजना के तहत हुई प्रगति की समीक्षा की और आपसी हित के क्षेत्रों में रक्षा सहयोग को और मजबूत करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
इससे पहले अप्रैल में भारत ने श्रीलंका तटरक्षक बल (कोस्ट गार्ड) को दो पर्सनल वाटरक्राफ्ट और सुरक्षा उपकरण भी सौंपे थे। इससे तट के पास खोज और बचाव अभियानों में उनकी क्षमता बढ़ाने में मदद मिली।
इसके अलावा, 24 अप्रैल को भारत ने अपनी 'आरोग्य मैत्री' पहल के तहत श्रीलंका को दो 'भीष्म' क्यूब भी सौंपे थे। यह भारत की लगातार जारी मानवीय सहायता का हिस्सा है।
सोमवार को श्रीलंका में भारत के उच्चायुक्त संतोष झा और श्रीलंका के स्वास्थ्य मंत्रालय के सचिव डॉ. अनिल जासिंघे ने एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए। इसके तहत भारत, देनियाया के बेस अस्पताल को आधुनिक मेडिकल उपकरण उपलब्ध कराने के लिए 60 करोड़ श्रीलंकाई रुपए (एसएलआर 600 मिलियन) की अनुदान सहायता देगा।
उच्चायुक्त संतोष झा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "भारत और श्रीलंका के बीच क्लाइमेट-रेजिलिएंट स्वास्थ्य सेवाओं के लिए साझेदारी के तहत स्वास्थ्य मंत्रालय के सचिव डॉ. अनिल जासिंघे के साथ एमओयू साइन करके खुशी हुई। यह एमओयू बेस हॉस्पिटल, डेनियाया को स्टेट-ऑफ-द-आर्ट मेडिकल इक्विपमेंट सप्लाई करने के लिए एसएलआर 600M इंडियन ग्रांट के लिए है।"
उन्होंने बताया कि इस अनुदान से अस्पताल के इमरजेंसी विभाग, ऑपरेशन थिएटर, हाई डिपेंडेंसी यूनिट और स्पेशल केयर बेबी यूनिट जैसे महत्वपूर्ण विभागों को आधुनिक उपकरण मिलेंगे। इससे अस्पताल को एक सुरक्षित और आपदा-रोधी जगह पर स्थानांतरित करने में भी मदद मिलेगी।




